Bihar NSD Centre Patna: बिहार के कलाकारों और रंगकर्मियों के लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का नया केंद्र स्थापित होने की पहल बड़ी उम्मीद लेकर आई है। राज्य में लंबे समय से रंगमंच और अभिनय के क्षेत्र से जुड़े लोग राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थान की मांग करते रहे हैं। अब बिहार में NSD का नया परिसर स्थापित करने की मंजूरी मिलने की जानकारी के बाद कलाकारों और रंगकर्मियों में उत्साह देखा जा रहा है। राजधानी पटना में देश का सातवां नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा केंद्र स्थापित करने को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहमति बनने की बात कही गई है। इस पहल से बिहार के युवाओं को अभिनय, निर्देशन और रंगमंच की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण राज्य में ही मिलने की उम्मीद है।
बिहार के कलाकारों को अब बाहर जाने की मजबूरी कम होने की उम्मीद
मैथिली थिएटर के लिए चर्चित ‘भंगिमा पटना’ से जुड़े संजीव झा का कहना है कि बिहार में कलाकारों और रंगकर्मियों को बेहतर अवसरों और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए अक्सर राज्य से बाहर जाना पड़ता था। उनके अनुसार, बिहार के खिलाड़ियों की तरह कलाकारों के सामने भी लंबे समय से अवसरों और संस्थागत प्रशिक्षण की चुनौती रही है। बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का केंद्र स्थापित होने का निर्णय रंगमंच से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कलाकारों का मानना है कि राज्य में राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनने से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला को निखारने का बेहतर अवसर मिलेगा।

अभिनय, निर्देशन और रंगमंच की तकनीकों का मिलेगा प्रशिक्षण
NSD केंद्र की स्थापना से युवाओं को अभिनय के साथ-साथ निर्देशन, मंच-शिल्प और रंगमंच की विभिन्न तकनीकी विधाओं का प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है। बिहार की लोक कलाएं और रंगमंचीय परंपराएं लंबे समय से राज्य की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। नया केंद्र इन परंपराओं को आधुनिक प्रशिक्षण और शोध के साथ जोड़ने में मददगार हो सकता है। इस पहल के माध्यम से बिहार की लोक नाट्य और प्रदर्शन कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना जताई जा रही है।

भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू, राज्य सरकार करेगी सहयोग
NSD के नए परिसर के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। बिहार सरकार संस्थान के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने और भवन निर्माण की स्वीकृत लागत में राज्यांश वहन करने की दिशा में पहल कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से स्थापित होने वाले इस संस्थान के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इस परियोजना को बिहार की सांस्कृतिक और रंगमंचीय गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कलाकारों और रंगकर्मियों ने फैसले का किया स्वागत
बिहार में NSD केंद्र स्थापित होने की पहल पर कई कलाकारों ने खुशी जताई है। अभिनेता कुमार रविकांत ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की शाखा या केंद्र शुरू होना राज्य के रंगकर्मियों के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि बिहार के रंगकर्मी लंबे समय से ऐसे संस्थान की मांग कर रहे थे। अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह ने इसे बिहार के कलाकारों के लिए बड़ा निर्णय बताया। उनका कहना है कि NSD केंद्र मिलने से राज्य की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। वहीं रंगकर्मी ललित झा ने कहा कि गांव के मंच से क्षेत्रीय धारावाहिकों तक काम करने के दौरान उन्हें हमेशा अभिनय की बारीकियों को संस्थागत रूप से सीखने की कमी महसूस होती थी। उनके अनुसार, बिहार में इस तरह का संस्थान स्थापित होने से नई पीढ़ी के कलाकारों को काफी लाभ मिल सकता है।

बिहार की सांस्कृतिक पहचान को मिल सकती है नई दिशा
कलाकार और रंगकर्मी राज्य की संस्कृति, लोककथाओं और सामाजिक सरोकारों को समाज के सामने प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बिहार की लोक रंगमंच परंपरा को आधुनिक प्रशिक्षण और राष्ट्रीय मंच से जोड़ने की दिशा में NSD केंद्र की स्थापना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित केंद्र जल्द स्थापित होता है, तो बिहार के युवाओं को अभिनय और रंगमंच की शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की आवश्यकता कम हो सकती है। साथ ही राज्य की स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का नया मंच मिलने की उम्मीद है।


















