डिजिटल डेस्क : किसानों ने फिर स्थगित किया दिल्ली कूच। रविवार दोपहर को दिल्ली के लिए किसानों ने नए सिरे कूच शुरू किया, लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग और कार्रवाई के आगे उनकी एक नहीं चली। हारकर किसानों ने पुलिस कार्रवाई में घायल 5 साथी किसानों का हवाला देते हुए फिर से अपने दिल्ली कूच को स्थगित करने की घोषणा की।
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि उन्होंने किसानों का वापस बुला लिया है और बैठक कर आगे का फैसला लेंगे।
पुलिस ने फूल बरसाए, पानी पिलाया और फिर दागे अश्रु गैस
पुलिस ने दिल्ली कूच के लिए मार्च कर रहे किसानों को तितर-बितर कर दिया। उससे पहले मौके पर रोचक नजारा दिखा लेकिन उसे किसानों ने पुलिस का ड्रामा और स्टंट बताया। पुलिस ने दिल्ली के लिए कूच कर रहे किसानों को पहले बहुस्तरीय बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया।
फिर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने पहले प्रदर्शनकारी किसानों पर फूल बरसाए और फिर उन्हें पानी भी पिलाया। लेकिन जब प्रदर्शनकारी बैरिकेडों पर पहुंचे तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और तोपों से पानी की बौछारें शुरू कर दीं।
उससे दिल्ली के लिए कूच कर रहे किसान तितर-बितर होने को मजबूर गए। किसानों ने आरोप लगाया कि फूलों में केमिकल मिला था, इससे कई किसानों की तबीयत खराब हो गई।

किसानों का आंदोलन 300वें दिन पहुंचा, पंजाब-हरियाणा बार्डर पर डाला डेरा
पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि उनका विरोध रविवार को 300 दिनों तक पहुंच गया। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं। पंढेर ने कहा कि वह किसानों के साथ बैठक करेंगे और उसके बाद आगे का फैसला करेंगे।
रविवार को फिर से किसान संगठनों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया था और अपने ऐलान के अनुसार किसान दिल्ली के लिए कूच शुरू किया था और पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दगाने और पानी की बौंछार के बाद वे रूक गये। समाचार लिखे जाने तक अधिकांश किसान शंभू बॉर्डर पर ही जमे हुए हैं और आगे की रणनीति बना रहे हैं।

दिल्ली कूच पर अड़े किसानों के सामने डटे डीएसपी राजकुमार सुर्खियों में….
पंजाब हरियाणा के शंभू बॉर्डर से किसान रविवार को दिल्ली कूच पर अड़े रहे। हालांकि हरियाणा पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। पिछली बार से अलग हरियाणा पुलिस थोड़ी नरम दिखी। वहीं मोर्चे पर डटे शाहाबाद के डीएसपी अपने तेवर और अंदाज से किसानों के बीच सुर्खियों में आ गए।
हुआ यह कि रविवार दोपहर 12 बजे दिल्ली कूच के लिए निकले किसान जब बैरिकेडिंग के पास पहुंचे तो हरियाणा पुलिस ने उन्हें रोक लिया। किसानों से दिल्ली जाने की अनुमति मांगी गई। वहीं पुलिस की तरफ से एक लिस्ट दिखाई गई, जिसमें दिल्ली जाने वाले 101 किसानों के नाम थे।
डीएसपी का कहना था कि लिस्ट में जिनका नाम है वे अपना आईडी कार्ड दिखाकर आगे जा सकते हैं। पुलिस की अग्रिम पंक्ति में शाहाबाद के डीएसपी रामकुमार थे। उन्होंने किसानों से लगातार बात की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि हम भी किसान के बेटे हैं। अब पुलिस में सेवा दे रहे हैं लेकिन हम शहीद होने के लिए नहीं आए हैं। डीएसपी ने कहा कि मेरे साथी मेरा परिवार हैं। कोई उन पर पत्थर फेंकेगा तो उनकी सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी है। डीएसपी ने बैरिकेडिंग तक पहुंचे किसानों को चाय और बिस्कुट दिया।

दोनों बार दिल्ली कूच के दौरान आंसू गैस के गोलों से किसानों के घायल होने का दावा…
पंजाब-हरियाणा सीमा पर शंभू बॉर्डर के विरोध स्थल से दिल्ली के लिए कूच के दौरान रविवार और इससे पहले भी हुए कूच के दौरान किसान नेताओं ने पुलिस के आंसू गैस के गोलों से अपने साथी किसानों के घायल होने का दावा किया है। किसानों ने दावा किया है कि आंसू गैस के गोले रुक-रुक कर छोड़े गए जिससे रविवार को 5 किसान जख्मी हुए।

इसके पहले बीते शुक्रवार को भी किसान संगठन दिल्ली की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उस समय भी आंसू गैस के गोले से करीब 16 किसान घायल हो गये थे। गैस के कारण किसानों को कुछ मीटर पीछे हटना पड़ा, जिनमें से कई ने अपने चेहरे ढके हुए थे और सुरक्षात्मक चश्मा पहने हुए थे।
कुछ ने गीले जूट के बैग से गोले को ढकने की कोशिश की। किसानों ने दावा किया कि हमले में एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।


















