लखनऊ : किसानों को ईमानदारी से राजनीति के एजेंडे का हिस्सा पीएम मोदी ने बनाया, बोले CM Yogi। यूपी के CM Yogi आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि –‘आजादी के बाद किसानों के नाम पर राजनीति बहुत से लोगों ने की। लेकिन किसानों को ईमानदारी के साथ भारत के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने का काम वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया’।
CM Yogi ने ये बातें राजधानी लखनऊ में एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक के कृषि कॉन्क्लेव का उद्घाटन करते हुए कहीं।
CM Yogi बोले – फूड बॉस्केट के रूप में पुनर्स्थापित हुआ यूपी
CM Yogi आदित्यनाथ ने आगे कहा कि – ‘कृषि तथा अन्नदाता किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। अन्नदाता किसानों की मेहनत तथा डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश की पहचान फूड बॉस्केट (खाद्यान्न टोकरी) के रूप में पुनर्स्थापित हुई है।
…प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि हम अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराते हैं। शरीर में किसी आवश्यक तत्व की कमी होने पर उसकी पूर्ति डाइट अथवा दवा के माध्यम से करते हैं। जिससे हम स्वस्थ बने रहे तथा हमारा शरीर निरोगी रहे। लेकिन जो धरती माता हमारा पेट भरती है, हमें फूलने तथा फलने का अवसर प्रदान करती है उसके स्वास्थ्य के बारे में भी चिंता करना आवश्यक है।
…प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्ष 2014 में व्यापक पैमाने पर निःशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को उपलब्ध कराए गए। इसके अनुसार किसान खेती के लिए आवश्यक खाद, फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड तथा केमिकल आदि का चुनाव कर सकता है। प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी अनेक योजनाएं चलाईं गईं’।

CM Yogi का दावा – 07 वर्षों में यूपी में किसानों की आय ढाई गुना बढ़ी…
CM Yogi ने आगे कहा कि – ‘प्रदेश में विगत 7 वर्षों में 23 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा देकर अन्नदाता किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ाया गया है। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री जी के कर कमलों द्वारा बुन्देलखण्ड में अर्जुन सहायक परियोजना का लोकार्पण किया गया।
…इसके 2 वर्ष पश्चात जब बुन्देलखण्ड के किसानों से संवाद बनाया तो पता चला कि अर्जुन सहायक परियोजना से लाभान्वित बुन्देलखण्ड के इन जनपदों में किसानों को प्रति बीघा कृषि से 50 हजार रुपए तक की आमदनी हुई। इससे पूर्व प्रति बीघा खेती पर 5 हजार रुपये वार्षिक प्राप्त होते थे।
…इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा किसानों को थोड़ा सा प्रोत्साहित करने पर आमदनी में कितनी अधिक वृद्धि हो सकती है। प्रदेश में व्यापक पैमाने पर कृषक उत्पादक संगठनों का गठन किया गया है। वर्तमान में 3,500 से अधिक कृषक उत्पादक संगठन प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।
…राज्य में वेयर हाउसों का निर्माण किया गया तथा उनकी संख्या बढ़ाई गई। कृषि कार्य को और अधिक सरल बनाने तथा एक ही समय में खेती के बड़े क्षेत्रफल को पेस्टिसाइड आदि के छिड़काव से आच्छादित करने हेतु प्रदेश में बड़ी संख्या में लखपति दीदियों को ड्रोन दीदी के रूप में तैनात किया गया’।

CM Yogi बोले – गन्ना, चीनी और इथेनॉल उत्पादन में नंबर एक पर पहुंचा अपना यूपी…
इसी क्रम में CM Yogi आदित्यनाथ ने कहा कि – ‘पहले गन्ने का सीजन आने पर उत्तर प्रदेश के किसान आंदोलन करने को मजबूर होते थे। वर्तमान में प्रदेश में 120 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें से 100 चीनी मिलों में एक सप्ताह के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन आज हो रहा है।
…इस कार्य को डबल इंजन सरकार कर रही है। जो राज्य गन्ना उत्पादन में तीसरे स्थान पर पहुंच गया था। आज फिर से गन्ना, चीनी तथा इथेनॉल उत्पादन में नम्बर एक पर पहुंच गया है। राज्य का किसान आज देश का 25 फीसदी आलू उत्पादन कर रहा है। देश के 30 प्रतिशत मक्के का उत्पादन प्रदेश में होता है। रा
…ज्य में धान, गेहूं, दलहन तथा तिलहन के उत्पादन में कीर्तिमान स्थापित किया गया है। खेती किसानी में व्यावहारिक ज्ञान की आवश्यकता अधिक होती है।
…कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख स्वयं किसान हैं। वह धान, गेहूं, गन्ने तथा औद्यानिक फसलों की खेती स्वयं करते हैं। वह रुचि होने के कारण कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। अन्य लोगों को भी इससे प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए’।


















