Desk. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज लोकसभा में अपना पहला भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मोदी सरकार पर संविधान को कमजोर करने और देश के 142 करोड़ नागरिकों के बजाय चुनिंदा व्यक्तियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
लोकसभा में मोदी सरकार पर बरसी प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी का नाम लिए बिना उनके और सत्तारूढ़ दल के बीच कथित संबंधों पर कटाक्ष किया और दावा किया कि यह धारणा बढ़ती जा रही है कि सरकार अरबपति के लाभ के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, “देश देख रहा है कि एक व्यक्ति को बचाने के लिए 142 करोड़ भारतीयों को नजरअंदाज किया जा रहा है। सभी व्यवसाय, धन और संसाधन एक ही व्यक्ति को सौंपे जा रहे हैं। बंदरगाहों से लेकर हवाई अड्डों और खदानों तक एक आदमी को दिया जा रहा है।
उन्होंने निचले सदन में संविधान पर बहस में भाग लेते हुए संविधान को “न्याय, एकता, अभिव्यक्ति के अधिकार का सुरक्षा कवच” बताया। उन्होंने कहा, “हमारा संविधान एक ‘सुरक्षा कवच’ है। 10 वर्षों में, बड़े-बड़े दावे करने वाले सत्ताधारी पक्ष के सहयोगियों ने इस ‘कवच’ को तोड़ने के सभी प्रयास किए हैं।”
इस दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार पर सरकारी सेवाओं में पार्श्व प्रवेश और निजीकरण जैसे उपायों के माध्यम से आरक्षण कोटा को कमजोर करके संविधान में निहित सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को कमजोर करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने संविधान में संशोधन करने का प्रयास करना चाहा होगा, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में कम जनादेश ने पार्टी को रोक दिया।


















