पटना : राजधानी पटना में 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी कई दिनों से प्रदर्शन और धरना दे रहे हैं। कल यानी बुधवार की शाम को बीपीएससी अभ्यर्थी हड़ताली मोड़ से होते हुए बीपीएससी ऑफिस जा रहे थे लेकिन पटना पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इसके बावजूद भी छात्र नहीं मान रहे थे वह बीपीएससी ऑफिस जाने पर उड़े हुए थे। पुलिस ने उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन नहीं माने तो उन्हें लाठीचार्ज करना पड़ा।
आपको बता दें कि बीपीएससी कार्यालय के बाहर कल अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर पटना पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आया है। पटना सचिवालय डीएसपी-1 डॉक्टर अनु कुमारी ने बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी, इसलिए हल्का बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि 23 दिसंबर को गर्दनीबाग में छात्रों द्वारा अस्पताल में कुछ शिक्षकों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भड़काने के कारण गर्दनीबाग हॉस्पिटल में तोड़फोड़ की गई थी। इसे लेकर एफआईआर भी दर्ज किया गया है।
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पटना पुलिस का कहना है कि गर्दनीबाग धरनास्थल पर कुछ लोगों की ओर से बीपीएससी की 13 दिसंबर को हुई परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। 25 दिसंबर को निर्धारित धरना स्थल गर्दनीबाग से दूर नेहरु पथ पर बीपीएससी कार्यालय के निकट प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर प्रदर्शन किया जा रहा था। वापस धरनास्थल पर जाने का बार-बार अनुरोध करने पर भी वे नहीं माने और कुछ लोग वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद हल्का बल प्रयोग कर वहां से उन्हें हटाया गया।
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चंदन कुमार तिवारी की रिपोर्ट



















