पटना : सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के संवाद कक्ष में योजना एवं विकास विभाग की ओर से विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। विभाग के प्रधान सचिव के सेंथिल कुमार मौजूद रहे। मंत्री बिजेंद्र यादव ने योजना एवं विकास विभाग अंतर्गत किए जा रहे कार्यों से संबंधित उपलब्धियां को लेकर जानकारी दी। लोक वित्त समिति के समक्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 में माह अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक 300 योजनाओं की अनुशंसा की गयी, जिसका लागत राशि 270910.23 करोड़ रुपए है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह अप्रैल 2024 से नवंबर 2024 तक कुल 148 योजनाओ की अनुशंसा की गई, जिसकी लागत राशि 37162.21 करोड़ रुपए है।
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत दो अक्टूबर 2016 से 23 दिसंबर 2024 तक कुल 7,77,139 आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया गया है। जिस पर कुल व्यय 1.148.7 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत 16वीं विधानसभा सदस्य एवं विधान परिषद् सदस्य की कुल अनुमान्यता राशि 4124.60 करोड़ रुपए के विरूद्ध 3705.47 करोड़ रुपए व्यय कर 1,02,130 योजनाओं को पूर्ण कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 से विधानमंडल सदस्य की अनुमान्यता राशि 3.00 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 4.00 करोड़ रुपए प्रति वर्ष की गई है।
इस योजना अंतर्गत 17वीं विधानसभा सदस्य एवं विधान परिषद् सदस्य की कुल अनुमान्यता पशि 3816.00 करोड़ रुपए के विरुद्ध 2091.35 करोड़ रुपए व्यय कर 37613 योजनाओं को पूर्ण कराया गया है एवं 8678 योजनाओं में कार्य प्रगति पर है।संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिहार राज्य अतर्गत सांसदों द्वारा 1628 अनुशंसित योजनाओं के विरुद्ध 1485 योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसकी कुल राशि 9381.01 लाख रुपए है।प्रशासनिक स्वीकृत 1485 योजनाओं में से 1155 योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जिस पर कुल अद्यतन व्यय 7650.62 लाख रुपए है।
वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2023-24 में षष्टम् राज्य वित्त आयोग के अनुशसा एवं राज्य योजना की राशि से 2,000 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। जिसके कार्यान्वयन हेतु 1941 अदद योजनाओं की निविदा प्रकाशित की जा चुकी है। जिलों 1560 अदद पंचायत सरकार भवनों की निविदा का निस्तारण किया जा चुका है। पूर्व में राज्य योजना अंतर्गत (13वीं वित्त) पंचायत सरकार भवन निर्माण योजना के अधीन कुल 1435 अदद स्वीकृत योजनाओं में से 1191 अदद योजनाओं में कार्य प्रारम्भ हुआ, जिसमें से 1162 अदद योजनाएँ पूर्ण की जा चुकी है।
बिहार पंचायत सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत कुल 330 योजनाओं में से 304 अदद पंचायत सरकार भवनों में कार्य प्रारंभ कर 293 अदद भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। कब्रिस्तान घेराबंदी योजनांतर्गत प्रशासनिक स्वीकृत अनुमोदन प्राप्त कुल 200 अदद योजनाओं में से 3732 अदद योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। बिहार मंदिर चहारदीवारी निर्माण योजनान्तर्गत कुल 573 अदद स्वीकृत योजनाओं में कार्य प्रारंभ कर कुल 506 अदद योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। ई-किसान भवन निर्माण योजनांतर्गत कुल 210 अदद स्वीकृत योजनाओं में से 183 अदद ई-किसान भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। महादलित विकास मिशन योजनांतर्गत कुल 1689 अदद स्वीकृत सामुदायिक भवन-सह-वर्क शेड निर्माण कार्य प्रारभ कर कुल 1013 अदद योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
राज्य सरकार के 50 करोड़ से बड़ी परियोजनाओं के अनुश्रवण हेतु State PMG Portal विकसित किया गया है। PMG के अंतर्गत बिहार में कार्यान्वित कुल 87 परियोजनाओं के 235 मुद्दों का समाधान किया जा चुका है। नीति आयोग द्वारा राज्य के 13 आकांक्षी जिलों (अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, गया, जमुई, कटिहार, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया और शेखपुरा एवं सीतामढ़ी) को अबतक कुल 225.00 करोड़ रुपए की राशि कर्णाकित की गई है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत पांच प्रक्षेत्र स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास आधारभूत संरचना। नीति आयोग द्वारा जारी माह अगस्त 2024 की Over All Delta Ranking में बेगूसराय जिला को प्रथम रैंक एवं नवादा और सीतामढ़ी जिला को तृतीय रैंक प्राप्त हुई है।
नीति आयोग द्वारा जारी माह अगस्त 2024 की प्रक्षेत्रवार Delta Ranking
स्वास्थ्य एवं पोषण प्रक्षेत्र में सीतामढ़ी जिला को द्वितीय रैंक प्राप्त हुई है। शिक्षा प्रक्षेत्र में बेगूसराय जिला को प्रथम रैंक प्राप्त हुई है। कृषि एवं जल संसाधन प्रक्षेत्र में नवांदा जिला को तृतीय रैंक प्राप्त हुई है। वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास में अररिया जिला को तृतीय रैंक प्राप्त हुई है। आधारभूत संरचना प्रक्षेत्र में बांका जिला को तृतीय रैंक प्राप्त हुई है।
सात जनवरी 2023 को मुख्य सचिबों के द्वितीय सम्मेलन में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा नाकाक्षी प्रखंड कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। देश के 500 पिछड़े प्रखंडों में बिहार राज्य के 27 जिलों से 61 प्रखंड शामिल हैं और आंकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अनुश्रवण हेतु पांच Themes अंतर्गत 39 संकेतकों (Key Performance Indicators) को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन प्रबंधन, कौशल विकास एवं वित्तीय समावेशन बुनियादी ढांचा। नीति आयोग द्वारा सात दिसंबर को जारी पहली डेल्टा किग में बिहार ने समग्र प्रदर्शन में प्रथम स्थान प्राप्त किया जिसके फलस्वरूप सीवान जिले के आंदर प्रखंड को 1.5 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि नीति आयोग कर्णाकित की गई है। योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के विहार योजना सेवा के अन्तर्गत क निदेशक/सहायक योजना पदाधिकारी एवं बिहार अवर योजना संवर्ग के 120 योजना आहरणका की नियुक्ति वर्ष 2024 में की गई। योजना एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण सगठन राजपत्रित स्थापना प्रशाखा द्वारा सहायक अभियंताओं के रिक्त 82 पदों हेतु अधियाचना प्रेषित की गई है।
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जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सातवी लघु सिचाई गणना संदर्भ वर्ष 2022- द्वितीय जल निकाय गणना, माध्यम् एवं वृहद सिचाई योजना गणना (Major and Medium Irrigation Projects-MMI) संदर्भ वर्ष 2022-23 एवं 1st Census of Springs सदर्भ वर्ष 2022-20 का कार्य पेपरलेस (Digitally through an app in smart phone without using any paper) प्रारंभ किया गया है। सातवीं लघु सिंचाई गणना और द्वितीय जल निकाय गणना एवं 1st emo of Springs का गणना कार्य अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय बिहार पटना के द्वारा किया जाएगा। साख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आठवी आर्थिक गणना का कार्य प्रारंभ किया गया है। जिसके आलोक में राज्य स्तर पर अर्थ एवं साख्यिकी निदेशालय दाग आठवी आर्थिक गणना का कार्य किया जा रहा है। अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा अवर साख्यिकी पदाधिकारी/पखंड सांख्यिकी पदाधिकारी क 682 पदों एवं कनीय क्षेत्रीय अन्वेशक के 534 पदों की अधियाचना प्रेषित की गई है। वाहन चालक के 08 पदों एवं कार्यालय परिचारी के 35 पदों की अधियाचना प्रेषित की जा चुकी है।
बिहार का मक्का के उत्पादन में प्रथम स्थान कृषि वर्ष 2023-24 अन्तर्गत राज्यों में मक्का का उत्पादन 57.09 लाख मीट्रिक टन हुआ। जो गत वर्ष की तुलना में 13:29 लाख मिल्टन अधिक उत्पादन था। मक्का उत्पादन के अग्रणी राज्यों में बिहार प्रथम स्थान पर रहा। गेह चावल एवं तिलहन की पैदावार क्षेत्र में वृद्धि के साथ-साथ उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है। फसल के उपजदर के ऑकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता एवं समयबद्धता हेतु e-statistics portal एवं CCE/DGCES Mobile App द्वारा प्रत्येक वर्ष लगभग 1,50,000 कटनी प्रयोग का आकडा संग्रहित किये जा रहे हैं। सकल राज्य घरेलू उत्पाद (OSDP) वर्तमान मूल्य पर 2023-24 का सकल राज्य घरेल उत्पाद (GSDP) में वार्षिक वृद्धि दर 14.47 प्रतिशत है। जबकि स्थिर मूल्य (2011-12) पर वार्षिक वृद्धि दर 9.20 प्रतिशत है।
वर्तमान मूल्य पर 2023-24 का प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेल उत्पाद (GSDP) 66,828/- जबकि स्थि मृत्य (2011-12) पर 36,333 है। जीवनांक सांख्यिकी विगत कुछ वर्षों में राज्य द्वारा जन्म रजिस्ट्रीकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है एव मृत्यु रजिस्ट्रीकरण में भी शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है। कृषि श्रमिकों की दैनिक मजदुरी कृषि व्यवस्था में कृषि श्रमिकों की आर्थिक स्थिति का आकलन हेतु राज्य के 37 जिलों के 56 केंद्रों से आंकड़ें एकत्रित किए जाते है, एवं तदोपरांत संग्रहित आंकड़ों को E-Statistics Agriculture Labour Portal के माध्यम से भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली को भेजी जाती है।
आवास सांख्यिकी भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय भवन निर्माण सगठन (NBO) नई दिल्ली के द्वारा जनसंख्या के आधार पर राज्य के चयनित 12 शहरों से भवन निर्माण से संबंधित आंकड़ों का संग्रहण, परितुलन एवं विश्लेषण का कार्य किया जाता है। बिहार कोसी बाढ़ समुत्थान परियोजना (BKBDP)-कोसी फेज II- इस परियोजना हेतु वर्तमान में कुल उपबंधित राशि 1.975 करोड़ रुपए के विरूद्ध नवंबर 2024 तक 1811.66 करोड़ रुपए का व्यय किया जा चुका है।असंरचनात्मक कार्य के अन्तर्गत अनिसाबाद पटना में गणीतीय प्रतिमान संस्थान (MMC) की स्थापना की गई है। जिससे कोसी के जलस्तर एवं जलश्राव से संबंधित बाद पूर्वानुमान एवं चेतावनी प्रणाली विकसित की जा चुकी है। एवं प्रयोगात्मक आधार पर बाढ़ पूर्वानुमान का कार्य किया जा रहा है। वीरपुर में Centre of Excellence की स्थापना के तहत भौतिक प्रतिमान संस्थान (PMC) की स्थापना की गई है। जिसके पूर्ण रूप से संचालन के उपरांत यह प्रतिमान केंद्र पूर्वी भारत में पहला एवं देश का ऐसा दूसरा संस्थान होगा, जहां नदियों के Physical Model पर जल प्रवाह के आधार पर उनके अक्राम्य स्थलों को चिन्हित किया जा सकेगा। वहां कराए जाने वाले सुरक्षात्मक कार्य के निरूपण हेतु आंकड़ा प्रदान की जा सकेगी।
बिहार मौसम सेवा केंद्र (BMSK) को मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2021 में योजना एव विकास विभाग बिहार सरकार के तहत एक पंजीकृत सोसाईटी के रूप में गठित किया गया है। इसके द्वारा मौसम संबधित सटीक डाटा एकत्र करने के लिए बिहार राज्य के सभी प्रखंडों में स्वचालित मौसम केंद्र (AWS) एवं सभी पंचायतों में स्वचालित वर्षामापक यंत्र (ARG) परिचालित है। स्वचालित मौसम केंद्र (AWS) द्वारा वर्षा, तापमान, आर्द्रता, हवा की गति एवं दिशा, वायुमंडलीय दाब, सौर विकिरण और मृदा आर्द्रता इत्यादि से संबंधित आंकड़े प्राप्त किए जाते हैं।
मौसम संबंधित सूचना, चेतावनी, पूर्वानुमान एवं सलाह सीधे उपयोगकर्ताओं को प्रसारण के लिए GIS से सुसज्जित मौसम डैशबोर्ड www.mausamsewa.bihar.gov.in/weatherdashboard da “मोबाईल एप “मौसम बिहार” को विकसित किया गया है। बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा तीन घंटे के अंतराल पर तापमान एवं आर्द्रता के माध्यम से असविधा के स्तर के रूप में भी पूर्वानुमान दिया जाता है। देश में ऐसा करने वाला बिहार पहला राज्य है। राज्य स्तर पर कोहरे का पूर्वानुमान प्रकाशित करनेवाला बिहार, देश का पहला राज्य है। मौसम संबंधित आपदाओं की चेतावनी को सुदृढ़ बनाने हेतु हाई परफॉर्मेंस (HPC) का निर्माण किया जा रहा है। जिसके माध्यम से सटीक एवं तीव्र गति से चेतावनियों को विकसित कर प्रसारित किया जा सकेगा।
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विवेक रंजन की रिपोर्ट


















