Ranchi Desk : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5वां टेस्ट रोचक स्थिति में है। हालांकि भारतीय बल्लेबाजी इस टेस्ट में भी नहीं चली, पर इन सबके बीच रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने अपनी खामोशी तोड़ते हुए इस टेस्ट मैच से बाहर होने और टेस्ट क्रिकेट में अपने रिटायरमेंट को लेकर जो कुछ कहा है वो दिल को छू गया।

पांचवें टेस्ट के दूसरे दिन ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि इस टेस्ट में नहीं खेलने का मतलब ये नहीं कि वो टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो रहे हैं । रोहित के शब्दों में “कहीं जा नहीं रहा हूँ मैं।“
I stood down: Rohit Sharma
जब रोहित शर्मा से सवाल पूछा गया कि आप इस टेस्ट से ड्रॉप किए गए हैं या आपने इस टेस्ट से ऑप्ट आउट किया है या फिर रेस्ट लिया है तो विश्व कप जीतने वाले कप्तान ने कहा इनमें से वास्तव मे कुछ भी नहीं.. फिर बोले I stood down. उन्होंने कहा मैंने कोच सेलेक्टर से बात की, कहा मैं रन नहीं बना नहीं पा रहा। ये महत्वपूर्ण मैच है तो हम बहुत ज्यादा फॉर्म से बाहर खिलाड़ियों के साथ इस टेस्ट में नहीं जा सकते।

रोहित शर्मा ने कहा मैं कुछ दिनों से इस पर सोच रहा था लेकिन मेलबर्न के बाद न्यू इयर था, उस दिन इस विषय पर मैं कोच और सिलेक्टर से बात नहीं करना चाहता था। फिर उसके बाद मैंने कोच और सेलेक्टर से बात की। उन्होंने मेरा साथ दिया। रोहित शर्मा ने कहा मैं कोशिश कर रहा था लेकिन स्कोर नहीं कर पा रहा था, इसलिए ये महत्वपूर्ण था कि इस मैच से मैं बाहर रहूं।
रिटायरमेंट को ले बोले Rohit Sharma “ कहीं जा नहीं रहा हूँ मैं “
रिटायरमेंट को लेकर रोहित शर्मा ने कहा “मैं कहीं नहीं जा रहा”। 5 महीने बाद क्या होगा मैं नहीं जानता। (टीम इंडिया अगला टेस्ट मैच जून में इंग्लैंड के खिलाफ खेलेगी) मैं वर्तमान पर फोकस करता हूँ। इस मैच से अलग होना रिटायरमेंट का निर्णय नहीं है। आज मैं रन नहीं बना पा रहा हूँ लेकिन 5 महीने बाद रन नहीं ही करूंगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। हर दिन ज़िंदगी बदलती है, मुझे खुद पर विश्वास है ।
मैं दो बच्चों का पिता हूं, मुझे पता है…. : रोहित शर्मा

रोहित शर्मा ने कहा हमें रेयलिस्टिक होने की जरूरत है । मैंने इतने दिनों क्रिकेट खेली है, बाहर का कोई व्यक्ति निर्णय नहीं कर सकता कि मुझे कब जाना है, कब बाहर बैठना है और कब टीम को लीड करना है ? मैं सेंसिबल, परिपक्व और 2 बच्चों का पिता हूं, मुझे पता है मुझे क्या करना है ?
पांचवें टेस्ट से बाहर होने के सवाल पर वर्ल्ड चैंपियन कैप्टन ने कहा मैं इतनी दूर बाहर बैठने के लिए नहीं आया, मैं यहां टीम को मैच जीताने आया हूं लेकिन कुछ समय आपको समझना होता है कि टीम की क्या जरूरत है ? अगर आप टीम के लिए नहीं सोचते तो फिर यहां क्यों हैं ? ये टीम गेम है। मैं 2007 से यही करते आया हूं ।
वास्तव में कप्तान होने के बावजूद खराब फॉर्म के कारण खूद को टीम से बाहर कर लेने के लिए बड़ा दिल चाहिए और साथ ही चाहिए टीम के प्रति समर्पण भाव। रोहित शर्मा ने अपने इस फैसले से लोगों का दिल जीत लिया है।
रंजन कटरियार की रिपोर्ट—



















