डिजिटल डेस्क : महाकुंभ के साथ शेयर बाजार ने लगाया गोता, निवेशकों के 13 लाख करोड़ डूबे। सोमवार को यूपी के तीर्थराज कहे जाने वाले प्रयागराज में शुरू हुए महाकुंभ 2025 के दौरान देश-दुनिया से पधारे श्रद्धालुओं ने पावन संगम तट पर गोता लगाया तो भारतीय शेयर बाजार भी उसी नक्शेकदम कर कारोबार शुरू होते ही गोते लगाने लगा।
सोमवार को कारोबार बंद होने तक भारतीय शेयर बाजार में गोता लगने का क्रम ऐसा रहा कि निवेशकों के एक ही झटके में 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रकम डूब गई। असल में पौष पूर्णिमा के पहले दिन महाकुंभ में भक्तों के संगम में डुबकी लगाने के दौरान शेयर बाजार में डॉलर के मुकाबले में रुपये ने भी बड़ी डुबकी लगाई है।
भारतीय रुपया सिर्फ पहली बार 86 रुपये के पार ही नहीं गया, बल्कि 87 रुपये के करीब भी पहुंच गया। यही वजह है कि शेयर बाजार के निवेशकों को मोटा नुकसान देखने को मिला।
सोमवार को शेयर बाजार का रहा ऐसा खस्ताहाल…
सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 1,129.19 अंकों तक डूब गया और 76,249.72 अंकों के साथ दिन के निचले स्तर पर आ गया। वैसे सेंसेक्स 76,629.90 अंकों के साथ बड़ी गिरावट के साथ खुला था और शुक्रवार को 77,378.91 अंकों पर बंद हुआ था।
दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 में भी कारोबारी सत्र के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार निफ्टी कारोबारी सत्र के दौरान 384.25 अंकों की गिरावट देखने को मिली और 23,047.25 अंकों के साथ दिनद के लोअर लेवल पर पहुंच गया। वैसे 23,195.40 अंकों के साथ ओपन हुआ था और शुक्रवार को 23,431.50 अंकों पर बंद हुआ था।

4 कारोबारी दिवसों पर निवेशकों के 25 लाख करोड़ रुपये अधिक डूबे…
भारतीय शेयर बाजार में यह गिरावट अचानक से सोमवार को ही देखने को मिली हो, ऐसा नहीं है। बीते 4 दिनों से भारतीय शेयर बाजार लगातार गिरावट की मार झेल रहा है।
बढ़ते डॉलर के सामने रुपया भी कुछ इस तरह से रोता हुआ दिखाई दे रहा है जिसकी सिसकियां कोई सुनने को तैयार नहीं है लेकिन रुपये की गिरावट का असर शेयर बाजार में जरूर देखने को मिल रहा है।
भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की कंगाली का सिलसिला लगातार 4 दिनों से चल रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखने को मिल चुकी है जिसकी वजह से शेयर बाजार निवेशकों के 25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब चुके हैं।

शेयर बाजार में सिर्फ पांच कंपनियों के शेयरों में दिखी तेजी…
ऐसा नहीं है कि भारतीय शेयर बाजार में सभी कंपनियों के शेयरों के भाव गिर रहे हैं। कुछ कंपनियों के शेयरों में तेजी भी दिखी है लेकिन निवेशकों को लगा झटका हुए मुनाफे की तुलना में कहीं ज्यादा होने से बाजार में मायूसी दिख रही है। निवेशकों के चेहरे लटक गए हैं और लगातार मोटे नुकसान से शेयर बाजार के खिलाड़ियों की पूंजी प्रभावित हो रही है।

एनएसई पर सिर्फ एक्सिस बैंक, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंडसइंड बैंक, एचसीएल टेक के शेयरों में एक फीसदी से कम की तेजी देखी गई है। इसके उलट नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर अडानी इंटरप्राइजेज के शेयरों में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है जबकि ट्रेंट के शेयर भी करीब 6 फीसदी तक डूब गए।
बीपीसीएल के शेयरों में साड़े 4 फीसदी की गिरावट देखी गई। बीईएल और अडानी पोर्ट के शेयर में 4 फीसदी से गिरावट आई। बीएसई पर जोमाटो के शेयर करीब 7 फीसदी, टाटा स्टीज 3 फीसदी ज्यादा, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
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