रांची: साइबर अपराधियों ने रामगढ़ के अग्रसेन पथ निवासी एक युवक से ऑनलाइन ट्रेडिंग में प्रॉफिट दिलाने का झांसा देकर 93.58 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह ठगी फेसबुक पर दोस्ती के बाद अंजाम दी गई। ठगी की राशि में पीड़ित के एफडी पॉलिसी और उसकी मां की जमा पूंजी भी शामिल थी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत रांची स्थित साइबर थाने और साइबर क्राइम कंट्रोल नंबर 1930 पर की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित को 1 नवंबर 2024 को फेसबुक पर अस्मिता नामक एक महिला से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। अस्मिता ने खुद को फैशन डिजाइनर बताते हुए यह कहा कि वह न्यूयॉर्क में रहती है और कुछ माह के लिए भारत आई है। बातचीत के दौरान अस्मिता ने पीड़ित को ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने का सुझाव दिया, जिसमें अच्छे प्रॉफिट का वादा किया।
असमिता ने जीवी गोल्ड माइंस नामक वेबसाइट का लिंक पीड़ित को भेजा, जिस पर लॉग-इन कर उसने छोटे अमाउंट से ट्रेडिंग शुरू करने की सलाह दी। पीड़ित ने 13 नवंबर को एक लाख रुपये निवेश किए और उसे 16 हजार रुपये का तुरंत प्रॉफिट भी दिखाया। धीरे-धीरे उसे और अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिसके बाद 15 नवंबर से 18 दिसंबर के बीच पीड़ित ने कुल 93.58 लाख रुपये एफडी और अपनी मां की जमा पूंजी से निवेश कर दिए।
जब पीड़ित ने पैसे निकासी की कोशिश की तो अस्मिता ने उसे टाल दिया और एक साथ पैसे न निकालने की बात कही। बाद में, जब पीड़ित ने 50 लाख रुपये निकालने की कोशिश की, तो जीवी गोल्ड कॉरपोरेशन के कस्टमर केयर से टैक्स अमाउंट के रूप में 36 लाख रुपये देने के लिए कहा गया। जब पीड़ित ने इस कंपनी के बारे में जानकारी ली, तो पता चला कि इस नाम से कोई कंपनी ही नहीं है।
इस तरह से साइबर अपराधियों ने फेसबुक पर दोस्ती कर और झांसा देकर पीड़ित से बड़ी राशि की ठगी कर ली।


















