रांची : झारखंड विधानसभा सत्र की रणनीति तय करने के लिए यूपीए की बैठक गुरुवार को सीएम आवास पर बुलाई गई थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर बुलाई गई सत्तारूढ़ दल की बैठक में कांग्रेस के विधायक शामिल नहीं हुए. इन विधायकों ने मंत्री आलमगीर आलम के आवास पर अलग से बैठक की. वहीं जेएमएम विधायक सीता सोरेन भी बैठक में शामिल नहीं हुई.
हालांकि कांग्रेस विधायक दल के नेता ने मीडिया से कहा कि सरकार से कोई नाराजगी नहीं है. बैठक में हुई बातों से सीएम को अवगत करायेंगे. मामले में जेएमएम ने भी कहा कि कांग्रेस की अपनी बैठक थी, कोई नाराजगी नहीं है. सरकार में सबकी बात सुनी जा रही है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की बैठक में कई मुद्दों पर विधायकों ने नाराजगी जतायी हे. बैठक में 15 विधायक पहुंचे थे. कांग्रेसी विधायकों का कहना है कि कई मुद्दों पर सरकार का स्टैंड क्लीयर नहीं हो रहा है. इसमें ओबीसी आरक्षण, नियोजन नीति, नियुक्ति में भाषाई अड़चन, जेपीएससी विवाद व अल्पसंख्यक स्कूलों से संबंधित मुद्दों का अविलंब समाधान होना चाहिए. बैठक में मंत्री बन्ना गुप्ता मुखर थे. उनका कहना था कि विभाग में अफसर उनकी नहीं सुनते. बैठक में मंत्री रामेश्वर उरांव, विधायक दीपिका पांडेय और अंबा प्रसाद नहीं पहुंचे थे. तय हुआ कि कांग्रेस अपनी बात सीएम तक पहुंचायेगी. पार्टी विधायकों की नाराजगी विधायक दल के नेता और प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर सीएम तक पहुंचायेंगे.
बैठक के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि बुधवार की बैठक में सिर्फ नौ विधायक शामिल हो पाये थे. इससे बैठक अधूरी रह गयी थी. इस वजह से गुरुवार को भी विधायक दल की बैठक हुई. इसमें विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी हैं. इससे सरकार को अवगत कराया जायेगा. यह पूछे जाने पर कि सत्तारूढ़ दल की बैठक में पार्टी के कोई विधायक क्यों नहीं शामिल हो पाये? उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक देर तक चली. जब बात की गयी तो पता चला कि नौ बजे ही खत्म हो चुकी है. सरकार के नाराजगी के सवाल पर आलमगीर आलम ने कहा कि सरकार से कोई नाराजगी नहीं है.







