रांची: तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले में बन रही 42 किमी लंबी दुनिया की सबसे लंबी पानी की सुरंग में फंसे 8 मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। इन मजदूरों में 4 झारखंड के रहने वाले हैं। 62 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सेना, नौसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईआईटी चेन्नई और एलएंडटी कंपनी के विशेषज्ञ मजदूरों से संपर्क नहीं कर पाए हैं।
लगभग 300 लोगों की टीम लगातार टनल से मलबा और पानी हटाने में लगी हुई है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। इसलिए अब इस चुनौतीपूर्ण मिशन को 12 रैट माइनर्स को सौंपा गया है। सोमवार दोपहर 6 रैट माइनर्स की टीम टनल में प्रवेश कर चुकी है, जबकि बाकी 6 सदस्य मंगलवार को पहुंचेंगे। यह वही टीम है, जिसने नवंबर 2023 में उत्तराखंड की सिल्क्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला था।
रेस्क्यू ऑपरेशन मंगलवार सुबह शुरू होगा। टीम का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद असद अंसारी के अनुसार, पानी भरा होने के कारण यह ऑपरेशन बेहद कठिन होगा। सिल्क्यारा टनल में सूखा मलबा था, जिससे खुदाई और पाइप फिटिंग आसान हुई थी, लेकिन यहां 50 मीटर खुदाई करनी होगी और गीले मलबे के कारण यह काम अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। इस ऑपरेशन में रैट माइनर्स की मदद के लिए नौसेना के विशेषज्ञ जवान भी तैनात किए गए हैं। वहीं, आईआईटी चेन्नई के पुश कैमरों और रोबोट की सहायता से खुदाई का मार्ग निर्धारित किया जाएगा।
झारखंड के इन 4 मजदूरों के परिवार चिंतित हैं और उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। राज्य प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पूरे झारखंड में उनके सुरक्षित बाहर निकलने के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।



















