केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि जून 2026 में 72 घरेलू रूट्स पर औसत हवाई किराया मार्च 2025 की तुलना में 20.5% बढ़ गया। एटीएफ और अन्य परिचालन लागत को बताया प्रमुख कारण।
Air Fare Update नई दिल्ली: देश में घरेलू हवाई यात्रा लगातार महंगी होती जा रही है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि जून 2026 में 72 घरेलू विमान मार्गों पर औसत हवाई किराया मार्च 2025 की तुलना में करीब 20.5 प्रतिशत बढ़ गया है। सरकार ने इस बढ़ोतरी के पीछे एयरलाइंस की बढ़ती परिचालन लागत को प्रमुख कारण बताया है।
Air Fare Update:राज्यसभा में सरकार ने दी जानकारी
नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि घरेलू रूट्स पर किराए में बढ़ोतरी कई आर्थिक कारणों से हुई है। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस अपने परिचालन खर्च के आधार पर किराया तय करती हैं और इसमें कई बाहरी कारकों का प्रभाव पड़ता है।
Key Highlights:
जून 2026 में 72 घरेलू रूट्स पर औसत हवाई किराया 20.5% बढ़ा।
सरकार ने राज्यसभा में बढ़े किराए की जानकारी दी।
एटीएफ, विदेशी मुद्रा दर और लीज रेंट को बढ़ोतरी का प्रमुख कारण बताया।
एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा एटीएफ पर खर्च होता है।
नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने संसद में दिया जवाब।
Air Fare Update:एटीएफ सबसे बड़ा खर्च
सरकार के मुताबिक एयर टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा विनिमय दर, एक्साइज ड्यूटी, विभिन्न राज्यों में लगने वाला वैट और विमानों का लीज रेंट भी परिचालन लागत को प्रभावित करता है। इन सभी कारणों से हवाई किराए में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Air Fare Update:किराया बाजार की मांग और लागत पर निर्भर
सरकार ने स्पष्ट किया कि घरेलू विमान सेवाओं का किराया एयरलाइंस द्वारा बाजार की मांग, उपलब्ध सीटों और परिचालन लागत को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। ऐसे में ईंधन की कीमतों और अन्य खर्चों में बदलाव का सीधा असर यात्रियों द्वारा चुकाए जाने वाले हवाई किराए पर पड़ता है।
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