Jharkhand Naxal Surrender: डीजीपी के सामने 16 नक्सली करेंगे सरेंडर, 11 हथियार और 1562 गोलियां करेंगे जमा

झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता। 15 लाख के इनामी संतोष उर्फ गांधी समेत 16 नक्सली डीजीपी के सामने सरेंडर करेंगे। 11 अत्याधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1562 गोलियां पुलिस को सौंपेंगे।


Jharkhand Naxal Surrender रांची: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिलने जा रही है। मंगलवार सुबह 11 बजे झारखंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के समक्ष 16 नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे। आत्मसमर्पण के दौरान सभी नक्सली अपने पास मौजूद 11 अत्याधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1562 गोलियां भी पुलिस को सौंपेंगे।

Jharkhand Naxal Surrender: 15 लाख के इनामी संतोष उर्फ गांधी समेत कई बड़े नक्सली करेंगे सरेंडर

आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य संतोष उर्फ गांधी सबसे बड़ा नाम है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ झारखंड में 128 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इसके अलावा जोनल कमेटी सदस्य संतोष मांझी उर्फ जगबंधु, 10 लाख रुपये का इनामी चंदन लोहरा और जोनल कमेटी सदस्य जयकांत मुंडा भी हथियार डालेंगे।

इनके साथ सब जोनल कमेटी सदस्य अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल, सुखलाल बिरजिया उर्फ अकेला, राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा, एरिया कमेटी सदस्य सुदेश होनहागा, रिसीव, एतवारी मांझी, सुमित्रा सुरीन, देवान मुर्मू उर्फ शनिचर, सालमी मुंडा उर्फ पारुल तथा कैडर सदस्य मुत्री सुरीन, चंपा मंझियाईन और सीता मुंडा भी आत्मसमर्पण करेंगे।


Key Highlights:

  • 15 लाख के इनामी संतोष उर्फ गांधी समेत 16 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण।

  • नक्सली 11 अत्याधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1562 गोलियां पुलिस को सौंपेंगे।

  • सरेंडर समारोह मंगलवार सुबह 11 बजे झारखंड पुलिस मुख्यालय में होगा।

  • आत्मसमर्पण करने वालों पर हत्या, विस्फोट और नक्सली घटनाओं के कई मामले दर्ज हैं।

  • पुलिस के अनुसार राज्य में नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।


Jharkhand Naxal Surrender: हत्या और विस्फोट के कई मामलों में रहे हैं आरोपी

पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, गिरिडीह, बोकारो, लातेहार, खूंटी और ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं।

इन पर नक्सली हिंसा, हत्या, विस्फोट और अन्य गंभीर वारदातों में शामिल रहने के आरोप हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक ये 14 पुलिस अधिकारियों और जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में भी आरोपी रहे हैं।

Jharkhand Naxal Surrender: झारखंड में कमजोर पड़ रहा नक्सली नेटवर्क

सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि लगातार चल रहे अभियान के कारण झारखंड में नक्सली संगठन कमजोर पड़ चुका है। अब सारंडा और कोल्हान के जंगलों में ही कुछ नक्सली बचे हैं, जो सुरक्षा बलों की घेराबंदी में हैं। पुलिस का मानना है कि ऐसे हालात में उनके सामने आत्मसमर्पण ही सबसे बड़ा विकल्प बचा है।

झारखंड पुलिस लगातार आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के माध्यम से नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रही है। इस कड़ी में 16 नक्सलियों का एक साथ सरेंडर राज्य में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।


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