नागपुर में भड़की हिंसा के पीछे रही धर्मग्रंथ जलाने की फैली अफवाह

डिजिटल डेस्क : नागपुर में भड़की हिंसा के पीछे रही धर्मग्रंथ जलाने की फैली अफवाह। महाराष्ट्र के नागपुर में बीते सोमवार की रात की हुई हिंसा के पीछे की असल वजह सामने आई है। बताया जा रहा है कि नागपुर में बीते सोमवार की रात भड़की हिंसा के पीछे एक धर्मग्रंथ को जलाने की फैली अफवाह ही मुख्य वजह रही।

बताया जा रहा है कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक संगठन के प्रदर्शन के दौरान एक धर्मग्रंथ जलाए जाने की अफवाह फैलने के बाद नागपुर में सोमवार को हिंसा भड़क गई। नागपुर पुलिस के अनुसार, उपद्रव बीते सोमवार रात उस समय शुरू हुआ, जब बजरंग दल के सदस्यों ने महल इलाके में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया।

पुलिस ने बताया कि अफवाह फैली कि आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ को जलाया गया है। बजरंग दल के प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए। उससे मुस्लिम समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया। गणेशपेठ थाने में शाम को कथित तौर पर धर्मग्रंथ जलाने के लिए शिकायत भी दर्ज कराई गई।

पुलिस ने बताया कि शिकायत के बाद, बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग महल इलाके के अलग-अलग हिस्सों में इकट्ठा होने लगे। पुलिस ने संकट की आशंका को देखते हुए गश्त तेज कर दी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया गया लेकिन उसी दरम्यान उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए हिंसा का नंगा नाच शुरू कर दिया।

अनिश्चितकालीन कर्फ्यू से नागपुर में पसरा सन्नाटा

बीते सोमवार की रात हुई हिंसा के बाद शुरू हुए पुलिस के एक्शन और ऐहतियातन लगाए गए अनिश्चिचकालीन कर्फ्यू के बाद पूरे नागपुर में मंगलवार की सुबह से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां-तहां दंगाइयों की हिंसा का शिकार हुए वाहन खाक हुए हाल में या फिर क्षतिग्रस्त हाल में पड़े हुए हैं।

लोगों के घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद हैं। RAF, QRT और विशेष पुलिस वाहनियों की टुकड़ियां नागपुर के सड़कों, गलियों और मोहल्लों में गश्त कर रही हैं। पूरे इलाके में बलवाइयों की तलाश में सर्च ऑपरेशन भी लॉंच कर दिया गया है।

नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल ने बताया कि- ‘…नागपुर शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।

…यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। संवेदनशील इलाकों में RAF, QRT (त्वरित प्रतिक्रिया दल), दंगा नियंत्रण पुलिस और SRPF (राज्य रिजर्व पुलिस बल) को उतारा गया है। विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी बुलाया गया है।

…स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है लेकिन तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने बलवाइयों का तलाशी अभियान शुरू किया है। हुई हिंसा के जिम्मेमदार एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।’

नागपुर में हिंसा के बाद पुलिस एक्शन।
नागपुर में हिंसा के बाद पुलिस एक्शन।

चिटनिस पार्क से शुक्रवारी तालाब रोड हिंसा से ज्यादा प्रभावित

नागपुर में बीते सोमवार की रात हुए हिंसक तांडव का मंगलवार की सुबह हालात नियंत्रित पर पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार ब्योरा देना शुरू किया है। बताया जा रहा है कि बीते सोमवार की देर शाम RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) मुख्यालय वाले महल क्षेत्र में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

महल के बाद हंसपुरी इलाके में भी उपद्रव की कुछ घटनाएं सामने आईं। वहां भी उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ और पथराव किया। साथ ही उपद्रवियों ने वाहनों में आग लगा दी। महल में उपद्रव के बाद घेराबंदी अभियान में DCP निकेतन कदम गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी भी पथराव का शिकार हुए।

उपद्रवियों के चले तांडव के दौरान चिटनिस पार्क से शुक्रवारी तालाब रोड हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित मिले हैं। वहां दंगाइयों ने कुछ चार पहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही लोगों के घरों पर भी पत्थर भी फेंके गए और हमला बोला गया।

चिटनिस पार्क इलाके में पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया। उसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उपद्रवियों के नकाबपोश समूह ने चेहरे स्कार्फ से छिपा रखे थे। उनके हाथों में धारदार हथियार, स्टिकर और बोतलें थीं। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। दुकानों में तोड़फोड़ की और पथराव किया। उन्होंने 8-10 वाहनों में भी आग लगा दी।

एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से नागपुर पुलिस ने मीडिया को बताया कि हिंसा पीड़ित प्रत्यक्षदर्शी की कार हिंसा-आगजनी के दौरान आग के हवाले कर दी गई। यह घटना सोमवार रात करीब 8.30 बजे हुई। तब करीब 500-1000 लोगों की भीड़ ने पथराव किया।

बलवाइयों ने उनकी कार के अलावा करीब 25-30 वाहनों में तोड़फोड़ की। उपद्रवी पत्थर लेकर इधर-उधर भाग रहे थे और लोगों के घरों पर पत्थर फेंके। यहां तक कि बच्चों पर भी पथराव किया गया एवं घरों के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दी गईं।

नागपुर हिंसा के दौरान बलवाइयों की आगजनी की शिकार कार।
नागपुर हिंसा के दौरान बलवाइयों की आगजनी की शिकार कार।

CCTV फुटेज के आधार पर नागपुर के बलवाइयों की धरपकड़ जारी

नागपुर में हुई हिंसा के तांडव के मामले में अब पुलिस CCTV फुटेज की मदद ले रही है। बताया जा रहा है कि  CCTV और वीडियो के आधार पर जिन लोगों ने हिंसा की घटना को अंजाम दिया है,  उनकी धर पकड़ की जा रही है।

साथ ही नागपुर पुलिस ने FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि हिंसा शुरू होने की ब्योरा भी CCTV फुटेज के जारी विश्लेषण में सामने आने लगा है।

नागपुर के शिवाजी चौक के पास कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था, इसलिए बड़े पैमाने पर पत्थर रखे हुए थे। उसी का इस्तेमाल बलवाइयों ने पत्थरबाजी के लिए किया।फिलहाल पुलिसकर्मी और फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

नागपुर के DCP अर्चित चांडक ने घटना के बारे में कहा कि – ‘…यह घटना कुछ गलतफहमी की वजह से हुई। …फिलहाल स्थिति अभी नियंत्रण में है। …यहां हमारा बल मजबूत है। …मैं सभी से अपील करता हूं कि वे बाहर न निकलें या पत्थरबाजी न करें।

…वहां पर पत्थरबाजी हो रही थी, इसलिए हमने बल का प्रदर्शन किया और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। …झड़प के दौरान कुछ गाड़ियों में आग लगा दी गई। …हमने फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझा दी है।

…इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। …पथराव के दौरान मेरे पैर में भी हल्की चोट लगी है। ….लेकिन हम सभी से शांति बनाए रखने का अनुरोध करते हैं।

….सभी से अनुरोध है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें। कानून व्यवस्था को न बिगाड़ें और पुलिस का सहयोग करें। हम हर तरह की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।’

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