पटना : बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में अभी छह महीने का वक्त शेष है। ऐसे में तमाम राजनीतिक दल ने अपनी चुनावी राजनीति बैठाने में जुट गए हैं। हर उस वर्ग और जाति पर दांव लगाया जा रहा है जो चुनाव में वोट दिला सके। ऐसे वर्ग भी राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने में लगे हुए हैं। ताजा मामला अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले मुसलमान को लेकर है। जहां मुसलमान वक्फ संशोधन विधेयक बिल-2024 के विरोध के बहाने ही सही यह चेक करने में लगे हैं कि कौन सी राजनीतिक पार्टी इस समय उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। ऐसे में जब दिल्ली के बाद पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPB) के बैनर तले बुधवार को तमाम मुस्लिम संगठनों ने वक्फ संशोधन विधेयक बिल का विरोध किया तो बिहार के तमाम राजनीतिक दल इसे अपने हिसाब से भंजाने जाने में लग गए।
हमलोग एक साथ होकर लड़े तो इंशा अल्लाह हम लोगों की जीत तय है – तेजस्वी यादव
राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव सहित कांग्रेस, सीपीएमल, सीपीआई और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मुसलमान द्वारा बुलाए गए धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गर्दनीबाग पहुंचे। धरनास्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हमलोग एक साथ होकर लड़े तो इंशा अल्लाह हम लोगों की जीत तय है।
तेजस्वी हो या फिर उनके पिताजी लालू यादव कभी भी मुसलमान के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई काम नहीं किया – अभिषेक झा
इसके बाद बिहार में जमकर राजनीति शुरू हो गई है। तेजस्वी यादव के द्वारा इंशा अल्लाह कहे जाने के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU), सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि तेजस्वी यादव हो या फिर उनके पिताजी लालू प्रसाद यादव कभी भी मुसलमान के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई काम नहीं किया। कैसे हमेशा सांप्रदायिक तनाव बना रहे इस दिशा में लगे रहते हैं। जब इन लोगों का शासन था, तब बिहार सांप्रदायिक दंगों का प्रदेश बना हुआ था। बिहार के मुसलमानों के लिए कितना काम किया है यह जग जाहिर है। राजद उनके (मुसलमानों) के वोटों के ठेकेदार बनना चाहते हैं। मुस्लिम समाज के लोग भी इनके अस्लियत को बखूबी पहचानते हैं। अब ये इंशा अल्लाह बोले, जय माता दी बोलें। अब ऐसे में न तो अल्लाह की रहम इनके ऊपर होगी और न तो ईश्वर की कृपा इनके ऊपर होगी।
यह भी देखें :
तेजस्वी सनातन प्रतीक चिन्हों को मिटा देना, वक्फ जैसे जमीन की दलाली करने में लगे हैं – सुमित शशांक
वहीं मौके की तलाश में बैठी बीजेपी को मानो तो उपर वाले ने बिना मांगे हीं सारी मुरादें पूरी कर दी है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुमित शशांक ने कहा कि तेजस्वी यादव सनातन प्रतीक चिन्हों को मिटा देना और वक्फ जैसे जमीन की दलाली करने वाले बोर्ड के पीछे खड़े हो जाना यह किस प्रकार की दोहरी मानसिकता है। एक आपके सहयोगी है जो भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह का नारा देते हैं। उनके पीछे आप ऐसे लोग दिखाई देते हैं। देश को विभाजन कारी शक्तियों की साजिश का शिकार भाजपा नहीं होने देगी।
वक्त संशोधन विधेयक बिल का विरोध कार्यक्रम करते हुए तमाम राजनीतिक दलों को अपनी ताकत का एहसास दिलाया है
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या वाकई में जिस तरह से मुस्लिम संगठनों ने बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर वक्त संशोधन विधेयक बिल-2024 का विरोध कार्यक्रम करते हुए तमाम राजनीतिक दलों को अपनी ताकत का एहसास दिलाया है। ऐसे में अब क्या वाकई में बीजेपी, जदयू और लोजपा जो अपने आप को मुसलमान की हितैषी पार्टी बताती है। क्या मुसलमान उसके साथ खड़े होंगे या फिर एम-वाई समीकरण का दावा करने वाली राजद के साथ बिहार के मुसलमान जाते हैं।
यह भी पढ़े : वक्फ बोर्ड मामला : धरने पर बैठे लालू-तेजस्वी, दे दी सरकार को चेतावनी
महीप राज की रिपोर्ट
Highlights



















