पटना: पटना जिला का बाढ़ प्रभावित क्षेत्र अथमलगोला प्रखंड के रामनगर दियारा और करारी कछार पंचायत का हाल बेहाल है। बख्तियारपुर से मोकामा को जोड़ने वाली NH 31 पर जगह-जगह गंगा का पानी बह रहा है। अथमलगोला प्रखंड के सबनीमा के पास पानी का दबाव NH 31 पर सबसे अधिक देखा जा रहा है। लगभग दस हजार की आबादी वाला रामनगर दियारा पंचायत पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। जहां सिर्फ जान जोखिम में डालकर ग्रामीण पहुंच रहे हैं। वहां पहुंच पाना अथमलगोला प्रशासन के बूते की बात नहीं है, यही वजह है कि यहां चलाए जा रहे बाढ़ राहत शिविर मजाक बनकर रह गये हैं।

विस्थापितों का कहना है कि उन्हें कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। प्रशासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का आलम यह है कि अस्थाई शौचालय में प्रशासन तंबू लगाना भूल चुका है। 10 हजार की आबादी पर मात्र एक नाव उपलब्ध कराया गया है। उस पर भी चढ़ने वालों को 5 रुपए भाड़ा देना पड़ रहा है। रात्रि में नाव के सहारे चोर बाढ़ प्रभावितों के घरों में चोरी कर ले रहे हैं। मवेशियों को चारा नहीं मिल रहा है। भूखे को खाना नहीं मिल रहा है। इसी प्रकार राहत शिविर में चलने वाले भोजनालय में किसी को भोजन मिल पाता है तो किसी को नहीं। नेता मंत्री और आला अधिकारियों का निर्देश ‘ढाक के तीन पात’ होता दिख रहा है।


















