रांची : झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई की उस कहानी को फिर से खारिज कर दिया किया कि मोबाइल छीनने के लिए ऐसा किया गया है. अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सीबीआई के अब तक के काम को देखते हुए प्रतीत हो रहा है कि अब सीबीआई इस मामले से थक चुकी है और अपना पिंड छुड़ाने के लिए नई कहानी बना रही है.
इस दौरान अदालत ने अपने पूर्व के कथन को दोहराते हुए कहा कि पहले झारखंड उग्रवाद से प्रभावित राज्य रहा है. यहां गैंग वार होते रहे हैं, लेकिन कभी भी न्यायिक पदाधिकारियों को कोई आंच नहीं आई है. लेकिन इस घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था. उसके बाद भी सीबीआई अगर इस मामले का खुलासा नहीं कर पाती है तो इस तरह की घटना दोबारा हो सकती है. लेकिन अदालत चाहती है कि इसके पीछे मुख्य षड्यंत्रकारी को कोर्ट में लाकर सजा सुनाई जाए ताकि ऐसी घटना दोबारा ना हो.
इस दौरान अदालत ने सीबीआई से पूछा कि इस मामले में फिर से नारको और ब्रेन मैपिंग की क्यों जरूरत पड़ी. अगर दोनों रिपोर्ट एक दूसरे के विरोधाभासी है तो फिर किस पर विश्वास किया जाएगा. मामले में अभी तक सब कुछ करने के बाद भी रिजल्ट नहीं मिल रहा है तो यह काफी दुखद है, और इसका खुलासा नहीं हुआ तो यह सीबीआई के साख पर भी सवाल उठेगा.
ऐसे हुई हुई जज की मौत
बता दें कि इससे पहले भी झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच में कई सवाल उठा चुके हैं और कई बार सीबीआई को फटकार भी लगाई है. 28 जुलाई 2021 को बुधवार की सुबह 5 बजे जज उत्तम आनंद मॉर्निंग वॉक कर अपने घर की ओर लौट रहे थे. सड़क पूरी तरह से सूनसान थी. जज उत्तम आनंद सड़क के किनारे एकदम बाईं ओर टहल रहे थे. उसी समय वहां पीछे से एक ऑटो रिक्शा आया. ऑटो रिक्शा सड़क के बीचों बीच सीधे चल रहा था, लेकिन फिर अचानक ऑटो रिक्शा जज उत्तम आनंद की तरफ मुड़ गया और उन्हें टक्कर मार दी. ये पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई.
इलाज के दौरान मौत
कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने जज उत्तम आनंद को सड़क किनारे पड़े देखा. लोगों ने उन्हें शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया. यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इस बीच जज जब काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने मामले की सूचना सदर थाना पुलिस को दी. पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. अस्पताल में एक लावारिस शव की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची. जज के बॉडीगार्ड ने उनके शव की पहचान की.
परिवार ने लगाया हत्या का आरोप
जज उत्तम आनंद की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि ये कोई सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है. वहीं, सीसीटीवी फुटेज ने भी जज की मौत पर कई सवाल खड़े कर दिए. शुरुआती जांच में पता चला है कि ये ऑटो रिक्शा भी चोरी का था.
रिपोर्ट : प्रोजेश दास

















