दुर्गापूजा से पहले झारखंड में सोनाचूर चावल, सरसों तेल और आटा समेत जरूरी खाद्य पदार्थ महंगे, 22 सितंबर से साबुन-सर्फ पर मिलेगी राहत।
रांची: दुर्गापूजा से ठीक पहले खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं की जेब ढीली कर दी है। सोनाचूर चावल, सरसों तेल और आटा समेत कई जरूरी सामान पिछले दो महीनों में महंगे हो गए हैं।
4-5 महीने पहले 80 से 90 रुपए किलो बिकने वाला सोनाचूर चावल अब 180 से 200 रुपए किलो पर पहुंच गया है। बासमती चावल की कीमतें भी 110 से बढ़कर 120 रुपए किलो तक हो गई हैं। सरसों तेल 170 से 200 रुपए लीटर बिक रहा है, जबकि आटा 38-40 रुपए किलो तक पहुंच गया है। मैदा और चीनी के दाम भी बढ़े हैं।
दो माह पहले और अब के दाम (रु. प्रति किलो/लीटर)
| खाद्य पदार्थ | दो माह पहले | वर्तमान कीमत |
|---|---|---|
| सोनाचूर चावल | 110-130 | 180-200 |
| बासमती चावल | 90-110 | 100-120 |
| सरसों तेल | 140-170 | 170-200 |
| रिफाइन तेल | 120-130 | 140-150 |
| आटा | 34-35 | 38-40 |
| मैदा | 30-35 | 35-40 |
| चीनी | 44-45 | 48-50 |
| काजू | 800-850 | 900-950 |
| बादाम | 800-850 | 880-900 |
| किशमिश | 300-320 | 300-350 |
Key Highlights
सोनाचूर चावल 100 रुपए तक महंगा, अब 180-200 रुपए किलो
सरसों तेल 30 रुपए बढ़ा, 200 रुपए लीटर तक पहुंचा
आटे की कीमत 34 से बढ़कर 40 रुपए किलो
चीनी, मैदा, काजू-बादाम और किशमिश भी महंगे
22 सितंबर से साबुन, सर्फ, चाय, बिस्कुट होंगे सस्ते
कीमतों में बढ़ोतरी के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल में उत्पादित सोनाचूर चावल का अरब देशों में निर्यात बढ़ने और उत्पादन घटने से दाम उछले हैं। वहीं सरसों की कमजोर फसल और त्योहारों के समय बढ़ी डिमांड ने तेल की कीमतों को ऊपर धकेला है।
क्या है राहत की उम्मीद
22 सितंबर से केंद्र सरकार के फैसले के बाद साबुन, सर्फ, चाय, बिस्कुट और कॉस्मेटिक उत्पाद सस्ते होंगे। जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे इन उत्पादों के दाम में गिरावट आएगी।


















