Paddy Procurement Bihar: सहकारिता मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने 5 अक्टूबर 2026 को दरभंगा एवं सारण प्रमंडलों की विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में धान अधिप्राप्ति, बिहार राज्य फसल सहायता योजना, गोदाम निर्माण, सहकारी समितियों के जरिए किसानों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय एवं अन्य सेवाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मंत्री ने नवंबर में शुरू होने वाली धान अधिप्राप्ति से पहले सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ समन्वय बैठक कर राज्य खाद्य निगम की भंडारण क्षमता बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने पर जोर दिया।
दरभंगा और सारण में करीब 99 फीसदी धान अधिप्राप्ति
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में दरभंगा प्रमंडल में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 2,41,105.15 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई। यह लक्ष्य का 99.71 प्रतिशत है। वहीं, सारण प्रमंडल में 2,49,323.12 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति हुई, जो निर्धारित लक्ष्य का 99.88 प्रतिशत है। बैठक में अधिप्राप्त धान के समतुल्य चावल की राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने आगामी अधिप्राप्ति सत्र के लिए सभी स्तरों पर समय से तैयारी पूरी करने और धान खरीद तथा चावल आपूर्ति से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
फसल सहायता योजना के लंबित मामलों में तेजी के निर्देश
समीक्षा बैठक में खरीफ 2025 के तहत पात्र किसानों के मामलों में क्षेत्रीय निरीक्षण और बहुस्तरीय सत्यापन की स्थिति भी देखी गई। कई जिलों में निरीक्षण और सत्यापन के मामले लंबित पाए गए। मंत्री ने लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने को कहा, ताकि पात्र किसानों को बिहार राज्य फसल सहायता योजना का लाभ समय पर मिल सके। गोदाम निर्माण की समीक्षा के दौरान स्वीकृत परियोजनाओं, भूमि संबंधी समस्याओं और निविदा प्रक्रिया में आ रही बाधाओं पर भी चर्चा हुई। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत समस्तीपुर जिले में अलग-अलग क्षमता वाले गोदामों का निर्माण विभिन्न चरणों में चल रहा है। मंत्री ने निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने और निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया।
CSC, बैंक मित्र और सहकारी सेवाओं का विस्तार
सहकारी समितियों के माध्यम से डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की भी समीक्षा की गई। दरभंगा प्रमंडल की 1,110 पैक्स समितियों में 846 की CSC आईडी बनाई जा चुकी है, जिनमें 781 केंद्र सक्रिय हैं। सारण प्रमंडल की 857 पैक्स समितियों में 561 की CSC आईडी बनाई गई है और इनमें 502 केंद्र सक्रिय हैं। ‘सहकारिता में सहयोग’ पहल के तहत माइक्रो एटीएम के वितरण और संचालन की स्थिति भी देखी गई। मंत्री ने शेष माइक्रो एटीएम को बैंक मित्र के रूप में सक्रिय करने और सहकारी समितियों के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रत्येक DMA के माध्यम से हर महीने कम से कम 100 बैंक खाते खोलने के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में भी प्रयास करने को कहा गया।
KCC ऋण और सहकारी परियोजनाओं पर भी फोकस
वेजफेड के तहत स्वीकृत आधारभूत संरचना परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई। दरभंगा प्रमंडल में 16 स्वीकृत परियोजनाओं में 11 निर्माणाधीन और 5 पूर्ण हैं। सारण प्रमंडल में 4 स्वीकृत परियोजनाओं में 2 निर्माणाधीन हैं। मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने और सहकारी संस्थाओं के जरिए किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया। पैक्स जन औषधि केंद्रों, जन वितरण प्रणाली की दुकानों के लाइसेंस और पैक्स समितियों के अंकेक्षण की स्थिति भी बैठक में देखी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 25 सितंबर 2026 तक दरभंगा प्रमंडल में 3,140 किसान क्रेडिट कार्ड खातों के माध्यम से ₹906.67 लाख का ऋण वितरित किया गया। वहीं, सारण प्रमंडल में 874 खातों के माध्यम से ₹399.13 लाख का ऋण दिया गया। समीक्षा के दौरान पात्र किसानों तक संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। सहकारी बैंकों और संबंधित समितियों के माध्यम से KCC ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह सहित दरभंगा और सारण प्रमंडल तथा विभागीय मुख्यालय के संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों, निर्माण कार्यों और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को मिल रही सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।


















