रांचीः जेएमएम के पूर्व विधायक अमित महतो और उनकी पत्नी सीमा देवी ने JMM से इस्तीफा दे दिया है. पूर्व विधायक ने सोशल मीडिया के जरीए 20 जनवरी को सरकार को अल्टीमेटम दिया था. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए फेसबुक और ट्वीटर पर लिखा था कि, ‘अगर एक महीने के अंदर हेमंत सरकार पुनर्विचार कर खतियान आधारित स्थानीय नियोजन नीति नहीं बनाती है और बाहरी भाषाओं को क्षेत्रीए भाषा की सूची से नहीं हटाती है तो 20 फरवरी को इस्तीफा दे दूंगा’.
शिबू सोरेन को पत्र लिखकर दिया इस्तीफा
पूर्व विधायक की पत्नी सीमा देवी ने केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन के नाम पत्र लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. पूर्व विधायक सीमा देवी ने अपने पत्र में सरकार पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि महाधिवक्ता समेत अन्य संवैधानिक पदों सहित विधिक सलाहकार के पद परक झारखंड विरोधियों को नियुक्त किया गया है, जिस कारण झारखंडी हित में सरकार फैसले नहीं ले पा रही हैं. उन्होंने शराबबंदी को लेकर भी अपने पत्र में जिक्र किया है. उन्होंने पार्टी सुप्रीमो को लिखे पत्र में कहा है कि ‘आप सदैव शराबबंदी के पक्षधर रहें हैं और शराबबंदी को लेकर जागरण करते रहे है पर वर्तमान सरकार राजस्व के नाम पर शराब बेचने पर आमदा है, जो आपके आदर्शों के खिलाफ है’.
पार्टी छोड़ने से नहीं पड़ेगा असर- शिक्षा मंत्री
भाषा विवाद की आंच अभी कम नहीं हुई थी की जेएमएम के पूर्व विधायक अमित महतो और उनकी पत्नी पूर्व विधायक सीमा देवी ने पार्टी से इस्तीफा देकर विपक्ष को एक और मुद्दा दे दिया है. पूर्व विधायक और उनकी पत्नी के पार्टी छोड़ने पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि किसी के पार्टी छोड़ने से सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
रिपोर्ट-मदन
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