Jharkhand Liquor Scam Probe:एसीबी की पूछताछ से कई आईएएस अधिकारी जांच के घेरे में , शराब घोटाला जांच लेटेस्ट अपडेट

झारखंड शराब घोटाले में ACB की जांच तेज। अबतक 5 IAS अधिकारियों से पूछताछ और दो गिरफ्तार। फर्जी बैंक गारंटी व अनियमित भुगतान पर कार्रवाई आगे बढ़ी।


Jharkhand Liquor Scam Probe रांची: झारखंड में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए चेहरे और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी उजागर होती जा रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अब इस मामले में उन सभी IAS अधिकारियों की जांच कर रहा है, जो उत्पाद विभाग में सचिव या उत्पाद आयुक्त रहे हैं और जिनके कार्यकाल में यह कथित अनियमितता सामने आई थी।

Jharkhand Liquor Scam Probe

ACB की कार्रवाई अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां पहली बार लगातार इतने IAS अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। अब तक 5 IAS अधिकारियों से पूछताछ पूरी हो चुकी है और इसी दौरान तत्कालीन सचिव विनय कुमार चौबे और पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को ACB गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों फिलहाल जमानत पर हैं। गुरुवार को जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।


Key Highlights

  • ACB की जांच गहराने के साथ 5 IAS अधिकारियों से पूछताछ पूरी

  • दो IAS अधिकारी, विनय कुमार चौबे और अमित प्रकाश, गिरफ्तार होकर अब जमानत पर

  • फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर मैनपावर सप्लाई ठेका दिए जाने का आरोप

  • छत्तीसगढ़ की कंपनियों को बिना अनुमोदन 11 करोड़ रुपये भुगतान के आरोप

  • कई पूर्व सचिव सवालों के घेरे में, फैज अक अहमद से लंबी पूछताछ

  • ACB सूत्र: यदि कोई सरकारी गवाह बना तो कई बड़े अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ेंगी


Jharkhand Liquor Scam Probe: 38.44 करोड़ के नुकसान का आरोप

20 मई 2025 को दर्ज एफआईआर के अनुसार, तत्कालीन सचिव विनय कुमार चौबे पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दो प्लेसमेंट एजेंसियों को लाभ पहुंचाया। इन दोनों कंपनियों — Vision Hospitality Services and Consultant Pvt. Ltd. और Marson Innovative Securities Services Pvt. Ltd. — ने फर्जी बैंक गारंटी जमा कर राज्य की खुदरा शराब दुकानों में मैनपावर सप्लाई का ठेका लिया था।
जांच में सामने आया कि इन एजेंसियों को संरक्षण देने से राज्य को लगभग 38.44 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।

Jharkhand Liquor Scam Probe:अमित प्रकाश पर 11 करोड़ के अनियमित भुगतान का आरोप

पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को ACB ने जून 2025 में गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने उत्पाद मंत्री को बताए बिना छत्तीसगढ़ की दो थोक शराब सप्लाई करने वाली कंपनियों — M/s Dishita Ventures Pvt. Ltd. और M/s Om Sai Beverages Pvt. Ltd. — को नवंबर 2024 में 11 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान जारी कर दिया।
यह भुगतान उस अवधि का था जब इन कंपनियों पर भुगतान रोकने के निर्देश थे, लेकिन विभागीय प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए यह रकम रिलीज कर दी गई।

Jharkhand Liquor Scam Probe: पूर्व सचिव मनोज कुमार और मुकेश कुमार से भी पूछताछ

ACB ने दो पूर्व उत्पाद सचिव मनोज कुमार और मुकेश कुमार से भी पूछताछ की है। दोनों के कार्यकाल में फर्जी बैंक गारंटी का मामला सामने आ चुका था, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। ACB की जांच यह पता लगा रही है कि साक्ष्य होने के बावजूद कार्रवाई क्यों रोकी गई, और इससे राज्य को करोड़ों का राजस्व कैसे गंवाना पड़ा।

Jharkhand Liquor Scam Probe:फैज अक अहमद की भूमिका पर भी सवाल

पूर्व उत्पाद आयुक्त और वर्तमान रामगढ़ DC फैज अक अहमद से ACB ने सोमवार को लंबी पूछताछ की। उनके कार्यकाल में प्लेसमेंट एजेंसियों की फर्जी बैंक गारंटी का मामला उजागर हुआ था। उनसे यह जानने की कोशिश की गई कि अनियमितता सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

ACB सूत्रों का कहना है कि यदि फैज अक अहमद इस मामले में सरकारी गवाह बने तो कई बड़े अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

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