Patna Ice Cream Food Safety Action: बिहार की राजधानी पटना में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा विभाग ने कई आइसक्रीम और डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। 26 अक्टूबर 2026 को जारी विभागीय प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच के दौरान स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, लेबलिंग और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रों से जुड़ी कमियां सामने आईं। कार्रवाई के दौरान खराब आइसक्रीम और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री नष्ट की गई, जबकि एक प्रतिष्ठान से 160 किलोग्राम बटर जब्त किया गया। संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस भी जारी किए गए हैं।
गोल्डन डेयरी प्रोडक्ट्स में गंदगी, 442 पीस खराब आइसक्रीम नष्ट
पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स गोल्डन डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निरीक्षण में फ्रोजन स्टोरेज एरिया में गंदगी पाई गई। विभाग के मुताबिक, खाद्य सामग्री और बटर के भंडारण की व्यवस्था में सुधार की जरूरत थी। आर्टिफिशियल बटर से संबंधित अनियमितता भी सामने आई। जांच के लिए रोज व्हाइट का नमूना लिया गया। निरीक्षण के दौरान खराब पाई गई 244 पीस चोको बार आइसक्रीम और 198 पीस अमर बार आइसक्रीम को मौके पर नष्ट कर दिया गया। प्रतिष्ठान को साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया।
स्नो बॉल आइसक्रीम यूनिट में ₹80,720 की खाद्य सामग्री नष्ट
मनेर के माधोपुर स्थित मेसर्स अनुज न्यूट्रिटेक प्राइवेट लिमिटेड की स्नो बॉल आइसक्रीम निर्माण इकाई में व्यक्तिगत स्वच्छता, स्टोर की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कमियां पाई गईं। जांच के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर का नमूना संग्रहित किया गया। विभागीय विज्ञप्ति के अनुसार, यहां बिना लेबल का 100 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर, 120 किलोग्राम एक्सपायर्ड मैंगो पल्प, 20 किलोग्राम एक्सपायर्ड ड्राइड ब्लैक करंट फ्रूट्स और 20 किलोग्राम एक्सपायर्ड चॉकलेट सब्सिट्यूट नष्ट किया गया। इन सभी सामग्रियों का कुल वजन 260 किलोग्राम और अनुमानित मूल्य ₹80,720 बताया गया है। सामग्री को गड्ढे में दबाकर मिट्टी और राख डालकर नष्ट किया गया। निरीक्षण में परिवहन के लिए उपयुक्त वाहन, पानी की रासायनिक एवं माइक्रोबायोलॉजिकल जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र और स्वच्छता संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाए गए। उत्पादों के रैपर पर पंजीकृत कार्यालय का पता सही करने का निर्देश भी दिया गया।
मदर डेयरी के स्टॉकिस्ट में दस्तावेजों की कमी
पश्चिम तेज प्रताप नगर, अनीसाबाद स्थित मदर डेयरी के स्टॉकिस्ट मां भद्रकाली ट्रेडर्स के निरीक्षण में वितरण और सुरक्षित परिवहन से संबंधित कमियां उजागर हुईं। विभाग के अनुसार, प्रतिष्ठान के इनवॉइस पर एफएसएसएआई नंबर अंकित नहीं था। रेफ्रिजरेटेड वाहन के आवश्यक पंजीकरण संबंधी विवरण और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं थे। जांच के लिए फ्रोजन ग्रीन पीज का नमूना लिया गया। प्रतिष्ठान को सात दिनों के भीतर कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र बनवाने, रेफ्रिजरेटेड वाहन का आवश्यक पंजीकरण सुनिश्चित करने और इनवॉइस पर एफएसएसएआई नंबर अंकित करने का निर्देश दिया गया। इस मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया गया है।
क्रीम डेयरी आइसक्रीम की बिक्री पर रोक
पटना के खेमनीचक स्थित सलोनी एंटरप्राइजेज में निरीक्षण के दौरान आइसक्रीम उत्पादों पर बैच नंबर और निर्माण तिथि अंकित नहीं पाई गई। विभाग ने इन उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी। निरीक्षण में आइसक्रीम खुले रूप में रखी मिली। प्रतिष्ठान में पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था, खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच रिपोर्ट और उपकरणों की साफ-सफाई से संबंधित व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं। कर्मचारियों के निर्धारित पोशाक में नहीं होने और उनके स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं रहने की बात भी सामने आई।
कुम्हरार में 160 किलो बटर जब्त, नमूने जांच के लिए भेजे
कुम्हरार स्थित पॉपुलर स्नोमैन कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान बैच नंबर अंकित नहीं होने के कारण 160 किलोग्राम बटर जब्त किया गया। विभाग ने इसकी अनुमानित कीमत ₹43,000 बताई है। बटर और आइसक्रीम के नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
14 दिनों में कमियां दूर करने का निर्देश
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत जारी सुधार नोटिस में संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है। विभागीय निर्देश के अनुसार, निर्धारित अवधि के बाद 15वें दिन सुधार संबंधी प्रमाण संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं और नियमानुसार उन्हें रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है। खाद्य संरक्षा, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार ने कहा है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग ने खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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