रांची. झारखंड हाईकोर्ट में रिम्स (RIMS) मामले को लेकर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और रिम्स प्रबंधन की ओर से 10 अक्टूबर 2025 के हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में दाखिल एफिडेविट पर कोर्ट ने विचार किया। इस दौरान अदालत ने झालसा के मेंबर सेक्रेटरी को निर्देश दिया कि वे रिम्स का विस्तृत निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और वास्तविक स्थिति का आकलन करें।
RIMS की स्थिति पर मांगी रिपोर्ट
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि RIMS की स्थिति पर तैयार की गई निरीक्षण रिपोर्ट को 10 दिनों के भीतर हाई कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए, ताकि आगामी सुनवाई में इसका परीक्षण किया जा सके।
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार दुबे ने पक्ष रखा। यह जनहित याचिका प्रार्थी ज्योति शर्मा की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें रिम्स की स्वास्थ्य सुविधाओं, मशीनों की उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
मामले में 3 दिसंबर को अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले को महत्वपूर्ण मानते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
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