Deoghar News: देवघर जिले के सरवां ब्लॉक में स्थित बंदाजोरी पंचायत में सरकारी आवास योजना को लेकर विवाद सामने आया है। मिसराडीह के ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे पैसे की मांग की गई, लेकिन इसके बावजूद आवास पाने वालों की सूची में उनके नाम शामिल नहीं किए गए। ग्रामीणों ने देवघर के उपायुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के पास शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच तथा उचित कार्रवाई की मांग की है।
आवास योजना के लिए पैसे मांगने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया के प्रतिनिधि के तौर पर काम करने वाले शंभू हाजरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए कथित तौर पर ₹10,000 से ₹20,000 तक की रकम मांगी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों से पैसे लेने के बाद भी उनके नाम आवास सूची में शामिल नहीं किए गए, जिससे लोगों में काफी नाराजगी है।

भेदभाव का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि आर्थिक रूप से संपन्न लोगों के नाम, जिन्होंने अधिक पैसे दिए थे, आवास सूची में शामिल कर लिए गए, जबकि जरूरतमंद और गरीब परिवारों को इस योजना के लाभ से वंचित रखा गया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है और वे पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने देवघर के उपायुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी से आग्रह किया है कि वे मामले की जांच करें, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें और यह सुनिश्चित करें कि पात्र व गरीब लाभार्थियों को आवास योजना का लाभ मिले। हालांकि, इस मामले पर संबंधित मुखिया प्रतिनिधि या पंचायत-स्तरीय अधिकारियों का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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