Cyber Fraud Relief साइबर ठगी पीड़ितों को पैसा वापस मिलने की प्रक्रिया आसान। झारखंड हाइकोर्ट ने केंद्र की SOP को जल्द प्रकाशित करने का निर्देश दिया।
Cyber Fraud Relief :रांची: साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए बड़ी राहत सामने आई है। झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत मानक संचालन प्रक्रिया का अवलोकन किया और इसे जल्द प्रकाशित करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने एसओपी को प्रभावी मानते हुए मामले का निष्पादन कर दिया। इस फैसले से साइबर ठगी पीड़ितों को अपनी राशि वापस पाने की प्रक्रिया स्पष्ट और सुगम होगी।
Cyber Fraud Relief :केंद्र सरकार की एसओपी में क्या है प्रावधान
केंद्र सरकार ने अदालत के समक्ष वह एसओपी प्रस्तुत की, जिसमें साइबर ठगी होने पर धन वापसी की पूरी प्रक्रिया बताई गई है। गृह मंत्रालय ने दो जनवरी 2026 को इस एसओपी को अनुमोदित किया है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि ठगी की सूचना दर्ज होने के बाद बैंक और संबंधित एजेंसियां किस तरह समन्वय कर पीड़ित की राशि सुरक्षित करती हैं और वापस दिलाने की दिशा में कदम उठाती हैं।
Key Highlights
साइबर ठगी पीड़ितों को पैसा वापसी की प्रक्रिया हुई स्पष्ट
झारखंड हाइकोर्ट ने केंद्र की एसओपी जल्द प्रकाशित करने का निर्देश दिया
गृह मंत्रालय ने दो जनवरी 2026 को एसओपी को दी मंजूरी
संदिग्ध खातों पर डिजिटल बैंकिंग सेवाएं अस्थायी रूप से होंगी बंद
एनसीआरबी पोर्टल पर रिपोर्ट होने पर बैंकों की भूमिका तय
Cyber Fraud Relief :बैंकों और एनसीआरबी पोर्टल की अहम भूमिका
एसओपी में बैंकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। यदि किसी खाते में संदिग्ध या बार बार होने वाले लेनदेन पर संदेह होता है और उसकी सूचना राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के पोर्टल पर दर्ज है, तो ऐसी स्थिति में बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित कर देगा। इसके बाद खाताधारक केवल बैंक शाखा में जाकर ही लेनदेन कर सकेगा। इससे ठगी की राशि को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सकेगा।
Cyber Fraud Relief :स्वतः संज्ञान की पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि सीआईडी के तत्कालीन महानिदेशक अनुराग गुप्ता द्वारा साइबर क्राइम पीड़ितों की राशि वापसी को लेकर लिखे गए पत्र को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील किया था। मामले में एमीकस क्यूरी अधिवक्ता सौम्या एस पांडेय ने भी अपना पक्ष रखा। अदालत के निर्देश के बाद अब एसओपी के सार्वजनिक होने से आम लोगों को ठगी के बाद अपनाए जाने वाले कदमों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
Highlights


