पटना : बिहार में सुशासन की नींव को और मजबूत करने और विकास कार्यों की रफ्तार नापने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर अपनी चर्चित यात्रा मोड में लौट रहे हैं। आगामी 16 जनवरी से मुख्यमंत्री ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकलने वाले हैं। इस दौरान वे बिहार के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर न केवल सात निश्चय योजनाओं की प्रगति देखेंगे, बल्कि जनता के बीच जाकर उनका फीडबैक भी लेंगे। बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को अलर्ट जारी कर दिया है।
अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य, कोताही पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के यात्रा पर निकलने के संबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री के दौरे के समय संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिवों को स्थल पर उपस्थित रहना होगा। समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक सहित सभी महत्वपूर्ण विभागों के आला अफसर मौजूद रहेंगे। विशेष परिस्थितियों में ही विभाग के दूसरे वरिष्ठतम अधिकारी को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है।

प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट रूप से सभी जिलों के DM को निर्देश दिया है कि वे समय रहते यात्रा की तैयारी पूरी कर लें
इस संबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट रूप से सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि वे समय रहते यात्रा की तैयारी पूरी कर लें। उन्होंने समीक्षा बैठक से पहले विभागीय सचिवों को अपने विभागों की योजनाओं की पूर्व समीक्षा करने को कहा है ताकि मुख्यमंत्री के सामने सटीक जानकारी पेश की जा सके।
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राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है। नीतीश कुमार हमेशा से अपनी यात्राओं के माध्यम से राज्य की नब्ज टटोलने के लिए जाने जाते हैं। ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए वे प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने के साथ-साथ सीधे वोटरों तक अपनी पहुंच बनाना चाहते हैं। अधिकारियों को स्पष्ट कह दिया गया है कि वे पूरी तैयारी के साथ ही बैठकों में आएं।
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अंशु झा की रिपोर्ट
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