बेतिया : पश्चिमी चंपारण के गोपालपुर थाना क्षेत्र के एक झोला छाप चिकित्सक विनोद यादव ने गलत दवा दे ली। जिससे चार साल के बच्चे की जान चली गई। ये आरोप बच्चे के परिजनों ने लगाया है। परिजन शव को लेकर गोपालपुर थाना लेकर आए। थानाध्यक्ष ने आवेदन लेकर शव को बेतिया जीएमसीएच पोस्टमार्टम भेजा।
हमारे बच्चे को खांसी थी, डॉक्टर विनोद ने बच्चे को देखकर पहले नस में कोई इंजेक्शन लगाया – परिजन
इस संबंध में मृतक के पिता धनई साह ने बताया कि हमारे बच्चे को खांसी थी तो डॉक्टर विनोद यादव ने मेरे बच्चे को देखकर पहले नस में कोई इंजेक्शन लगाया और एक टेबलेट देकर घर जाने को कहा। फिर रात में मेरे लड़के का अचानक तबियत ज्यादा खराब हो गया। जब हमलोग डॉक्टर के पास गए तो वह फटकार लगाकर भगा दिए और घर से ही बोला कि सुबह आना। हमलोग वहां से चले गए और सुबह छह बजे जब हम डॉक्टर साहब के पास उनके घर गए तो निकलकर देखे और फिर वह टेबलेट खिलाएं। टबलेट खाते ही मेरे बच्चे का तबीयत सीरियस हो गया और मेरे बच्चे की उनके दरवाजे पर ही मौत हो गई।

डॉक्टर ने कहा- जल्दी से बच्चे को GMCH अस्पताल लेकर जाओ, परिजन ने कहा- बच्चे की पहले ही गई थी मौत
डॉक्टर ने परिजन से कहा कि जल्दी से बच्चे को बेतिया के जीएमसीएच अस्पताल लेकर जाओ। परिजन ने कहा कि बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह नहीं पता कि डॉक्टर साहब बेतिया क्यों जाने को कहा। परिजन का कहना है कि हमलोग मृत बच्चे को गोपालपुर थान ले गए और वहां थानाध्यक्ष को आवेदन दिया। फिर चिकित्सक के घर गए तो वह घर में ताला लगाकर फरार हो गया था। परिजन ने पुलिस से कहा कि जल्द से जल्द डॉक्टर पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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दीपक कुमार की रिपोर्ट
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