रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला ईमेल झारखंड के बाहर से भेजा गया। VPN के इस्तेमाल से जांच में दिक्कत, एसआईटी गठित।
Ranchi Civil Court Bomb Threat रांची:राजधानी रांची स्थित सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि धमकी भरा ईमेल झारखंड के बाहर से भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
Ranchi Civil Court Bomb Threat:VPN के इस्तेमाल से जांच में चुनौती
रांची पुलिस के अनुसार धमकी देने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का उपयोग किया गया है। इस कारण वास्तविक आईपी एड्रेस ट्रेस करने में तकनीकी बाधाएं आ रही हैं। ईमेल किस राज्य से भेजा गया, इसकी सटीक जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
झारखंड सीआईडी समेत अन्य साइबर एक्सपर्ट की टीम डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण और सर्वर डाटा के आधार पर स्रोत तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
Key Highlights
सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल झारखंड के बाहर से भेजा गया
VPN के उपयोग से आईपी एड्रेस ट्रेस करने में दिक्कत
मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित
कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज
बम निरोधक दस्ता ने दो दिन तक कोर्ट परिसर की सघन जांच की
Ranchi Civil Court Bomb Threat:कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज
धमकी भरा ईमेल शुक्रवार को मिला था। इसके बाद सिविल कोर्ट रांची के रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार वर्मा ने कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने आधिकारिक ईमेल देखने के बाद न्यायायुक्त को सूचना दी और तत्पश्चात रांची एसएसपी को मामले की जानकारी दी गई।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। शुक्रवार को बम निरोधक दस्ता ने कोर्ट परिसर के चप्पे चप्पे की तलाशी ली। कोर्ट हाजत, नालियों और सभी संदिग्ध स्थानों की बारीकी से जांच की गई। शनिवार को भी एहतियात के तौर पर दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
Ranchi Civil Court Bomb Threat:सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, जांच जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आने जाने वालों की निगरानी की जा रही है। तकनीकी जांच के साथ साथ स्थानीय स्तर पर भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान होते ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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