महाशिवरात्रि को लेकर Deoghar में तैयारियां शुरु, शिव बारात के लिए कलाकार कर रहे मेहनत

Deoghar : बाबा नगरी देवघर में महाशिवरात्रि को लेकर काफी जोर-शोर से जिला प्रशासन एवं संस्था के लोग तैयारी कर रहे हैं। यह शिव बारात एक अनोखा शोभायात्रा है जो पूरे हिंदुस्तान में काफी चर्चित है। शिव बारात में निकलने वाली शोभायात्रा में भूत बेताल डायन किचीन भगवान देवी देवता ऋषि मुनि देवगन तरह-तरह के पात्र को यहां के कलाकारों द्वारा सजाया जा रहा है।

Deoghar प्रशासन ने लिया तैयारियों का जायजा

बता दें महाशिवरात्रि को लेकर कुछ दिनों पहले प्रशासन ने तैयारियों का जायजा लिया था। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को निकलने वाली शिव बारात के मद्देनजर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।

अतिक्रमण मुक्त मार्ग सुनिश्चित करने का दिया गया निर्देश

इस दौरान महाशिवरात्रि को लेकर मार्ग की समुचित सफाई, सड़कों व पेवर ब्लॉक की मरम्मत, नालियों को ढकने, मार्ग में बाधक पेड़ की डालियों की छंटाई, सी एंड डी व भवन निर्माण सामग्री हटाने पर जोर दिया। टावर चौक से आजाद चौक होते हुए बाबा मंदिर तक अतिक्रमण मुक्त मार्ग सुनिश्चित करने और स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।

महाशिवरात्रि को लेकर Deoghar में तैयारियां शुरु, शिव बारात के लिए कलाकार कर रहे मेहनत

महाशिवरात्रि का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। वहीं कुछ कथाओं के अनुसार इस तिथि को भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया था। इसलिए इस रात को “शिव की महान रात्रि” कहा जाता है।

महाशिवरात्रि का व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। भक्तगण दिनभर उपवास रखकर रात्रि में चार प्रहर की पूजा करते हैं।

 देवघर में महाशिवरात्रि की विशेष तैयारी

झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। यहां निकलने वाली शिव बारात देशभर में प्रसिद्ध है। हजारों श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं और शिव विवाह की झांकी देखते हैं।

प्रशासन द्वारा सुरक्षा, सफाई और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए जाते हैं।

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें

  • शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करें

  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें

  • रात्रि में जागरण और शिव चालीसा का पाठ करें

महाशिवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागरण का अवसर है। यह हमें संयम, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है।

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