Ramgarh: विगत 6 फरवरी 2026 की रात लगभग 9 बजे बिजूलिया रेलवे ओवर ब्रिज के पास एक कार सवार व्यक्ति गंभीर सड़क हादसे का शिकार हो गया। मौके की नज़ाकत को समझते हुए स्वतंत्रता सेनानी के वंशज एवं समाजसेवी धनंजय कुमार पुटूस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से बिना समय गंवाए घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जिससे “गोल्डन आवर” में उसकी जान बचाई जा सकी।
IAS फ़ैज़ अक़ अहमद मुमताज़ द्वारा चलाए जा रहे CPR और फर्स्ट एड जागरूकता अभियान
धनंजय कुमार पुटूस ने बताया कि इस तरह तुरंत और सही कदम उठाने की प्रेरणा उन्हें रामगढ़ के उपायुक्त, माननीय IAS फ़ैज़ अक़ अहमद मुमताज़ द्वारा चलाए जा रहे CPR और फर्स्ट एड जागरूकता अभियान से मिली। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों को आपात स्थिति में जीवन रक्षक बनने की सोच और संवेदनशीलता सिखाने की एक मजबूत पहल है।
धनंजय कुमार पुटूस ने क्या कहा
उन्होंने कहा, “आज अगर एक व्यक्ति की जान बच पाई, तो उसके पीछे सही समय पर सही कदम उठाने की सीख और प्रशासन द्वारा फैलाई जा रही जागरूकता है। इसके लिए मैं आदरणीय डीसी साहब फ़ैज़ अहमद मुमताज़ जी और उनके इस सराहनीय प्रयास के प्रति समस्त रामगढ़ वासियों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”
धनंजय कुमार पुटूस ने उम्मीद जताई कि यह अभियान आगे भी लोगों को इंसानियत निभाने और संकट के समय दूसरों की मदद के लिए प्रेरित करता रहेगा।
1. Golden Hour क्या है?
Golden Hour वह पहला 60 मिनट होता है, जब किसी व्यक्ति को:
गंभीर दुर्घटना
हार्ट अटैक
स्ट्रोक
सांस रुकना
भारी रक्तस्राव
जलना (Burns)
बेहोशी
जैसी आपात स्थिति के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता मिलती है।
इस समयावधि में दिया गया सही उपचार व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है और स्थायी विकलांगता को कम करता है।
2. Golden Hour इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
इस समय शरीर में:
ऑक्सीजन की कमी तेजी से बढ़ती है
रक्तचाप गिर सकता है
अंग (Brain, Heart, Lungs, Kidneys) क्षतिग्रस्त होने लगते हैं
यदि 60 मिनट के भीतर हस्तक्षेप न किया जाए तो:
ब्रेन डैमेज स्थायी हो सकता है
दिल की मांसपेशियाँ नष्ट हो सकती हैं
अत्यधिक रक्तस्राव से मृत्यु हो सकती है
इसलिए Golden Hour को Life-Saving Window कहा जाता है।
3. किन स्थितियों में Golden Hour सबसे निर्णायक होता है?
Heart Attack
सीने में दर्द
पसीना
सांस फूलना
उपचार में देरी = हृदय की स्थायी क्षति
Stroke
बोलने में दिक्कत
चेहरे का टेढ़ा होना
एक तरफ कमजोरी
पहले 60 मिनट में इलाज से लकवे का खतरा बहुत घट जाता है।
सड़क दुर्घटना
सिर की चोट
आंतरिक रक्तस्राव
हड्डी टूटना
भारी खून बहना
5–10 मिनट में जान जा सकती है।
4. Golden Hour में आम नागरिक क्या करें?
A. स्थिति पहचानें
व्यक्ति होश में है या नहीं
सांस चल रही है या नहीं
खून बह रहा है या नहीं
B. तुरंत कॉल करें
एम्बुलेंस / आपात सेवा
नजदीकी अस्पताल
C. प्राथमिक उपचार (First Aid)
यदि सांस नहीं चल रही:
CPR शुरू करें
यदि खून बह रहा है:
साफ कपड़े से दबाव डालें
अंग को ऊपर उठाएँ
यदि बेहोश है लेकिन सांस चल रही:
रिकवरी पोज़िशन में रखें
5. CPR का महत्व Golden Hour में
CPR (Cardiopulmonary Resuscitation):
दिल और दिमाग तक ऑक्सीजन पहुँचाता है
एम्बुलेंस आने तक जीवन बनाए रखता है
सही समय पर CPR देने से मृत्यु दर 30–40% तक कम हो सकती है।
6. क्या न करें (Common Mistakes)
घबराना
व्यक्ति को अकेला छोड़ देना
मुँह में पानी या दवा डालना
गर्दन/रीढ़ की चोट में व्यक्ति को उठाना
7. Golden Hour को मजबूत बनाने के उपाय
सरकारी स्तर पर
CPR प्रशिक्षण अभियान
एम्बुलेंस नेटवर्क विस्तार
ट्रॉमा सेंटर
समाज स्तर पर
स्कूलों में फर्स्ट एड प्रशिक्षण
कॉलोनी/गाँव स्तर पर वॉलंटियर टीम
व्यक्तिगत स्तर पर
बेसिक फर्स्ट एड सीखना
इमरजेंसी नंबर याद रखना
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