पटना/भोजपुर/सासाराम/नवादा/मधेपुरा/बेतिया : बिहार में आज यानी 17 फरवरी से बिहार बोर्ड वालों की 10वीं की परीक्षा शुरू हुई है। परीक्षा में किसी तरह की धांधली न हो ऐसे में पहले से ही गाइडलाइन जारी किए गए हैं। दो पालियों में परीक्षा होनी है। इसके लिए प्रदेश भर में 1699 सेंटर बनाए गए हैं। हालांकि पहले दिन बिहार के अलग-अलग जिलों में कई सेंटर पर बच्चे कुछ देरी से पहुंचे जिन्हें एंट्री नहीं मिली। ऐसे में वे गेट पर ही रोने लगे। इस परीक्षा में पूरे राज्य से 15 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
पटना के 2 अलग-अलग सेंटर से ऐसी तस्वीर देखने को मिली
पटना के दो अलग-अलग सेंटर से ऐसी तस्वीर देखने को मिली। परीक्षा सेंटर का गेट ठीक नौ बजते ही बंद कर दिया गया। कमला नेहरु उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक बच्ची परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंची तो उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। हालांकि बच्ची के पिता ने गेट से चढ़ाकर पार करवाया।

2 मिनट की देरी के कारण नहीं दिया गया प्रवेश
पटना के ही एक अन्य सेंटर दरोगा प्रसाद राय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चितकोहरा (सरिस्ताबाद) में निखिल नाम के बच्चे को एग्जाम देने से रोक दिया गया। वह कुछ मिनट की देरी से पहुंचा था। निखिल के अनुसार, सिर्फ दो मिनट ही लेट हुआ था। बहुत विनती के बाद भी उसे प्रवेश नहीं करने दिया गया। उसका कहना था कि वह मनेर से आया था। परीक्षा केंद्र से 200 मीटर की दूरी पर काफी जाम था। इस वजह से लेट हो गया।

आरा में मैट्रिक परीक्षा को लेकर के परीक्षा केंद्र पर जमकर हंगामा
भोजपुर जिले के 36 परीक्षा केंद्रों पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक की परीक्षा शुरू हो गई है। भोजपुर जिले के आरा शहर के 26 परीक्षा केंद्र के अलावे जगदीशपुर अनुमंडल में छह परीक्षा केंद्र और पीरो अनुमंडल में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां की कुल 41,410 परीक्षार्थी परीक्षा में भाग ले रहे हैं। परीक्षा को लेकर के भोजपुर जिले के आरा शहर के राजकीय कन्या प्लस-2 उच्च विद्यालय में लेट से पहुंची। छात्रा को प्रवेश करने को लेकर जमकर हंगामा हो गया। इस दौरान अभिभावकों ने गेट को तोड़ने का प्रयास किया।

छात्राओं को स्कूल की बाउंड्री वॉल के सहारे फांद कर प्रवेश कराया गया
वहीं छात्राओं को स्कूल की बाउंड्री वॉल के सहारे फांद कर प्रवेश कराया गया। जिसको लेकर परीक्षा को लेकर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। क्योंकि जिस तरह से बिहार में परीक्षा को लेकर के पहले से चली आ रही परिपाटी के अनुसार, लेट होने पर अभिभावक किसी तरह से परीक्षार्थी को प्रवेश करना चाहते हैं। उसकी तस्वीर यहां साफतौर पर दिखाई जहां की मैट्रिक परीक्षा को लेकर के एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। छात्राओं को प्रवेश करने को लेकर के यहां जमकर हंगामा हुआ।

बेतिया में भी कई छात्राओं के साथ हुई समस्या
उधर, पटना के अलावा बेतिया से भी ऐसा ही मामला सामने आया। मैट्रिक की परीक्षा देने जा रहीं कई बच्चियां समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सकीं, जिसके कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिल पाया। छात्राओं ने बताया कि शहर में भारी ट्रैफिक जाम की वजह से वे निर्धारित समय से देर से पहुंचीं। जब वे परीक्षा केंद्र पहुंचीं तो गेट बंद हो चुका था और उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रवेश नहीं मिलने पर ये छात्राएं गेट के पास ही रोने लगीं। यह मामला आमना उर्दू प्लस टू विद्यालय परीक्षा केंद्र का बताया जा रहा है, जहां कई छात्राओं को परीक्षा देने से वंचित रहना पड़ा।
रोहतास जिला के 58 परीक्षा केंद्रों पर हो रही है मैट्रिक की परीक्षा
रोहतास जिला के 58 परीक्षा केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा शुरू हो गई है। सासाराम में 28 डेहरी में 16 और बिक्रमगंज में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कल 47,199 परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सासाराम के रोहतास महिला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा केंद्र पर गुब्बारे लगाए गए हैं। साथ ही परीक्षार्थियों का स्वागत किया जा रहा है। आज के परीक्षा के दौरान माहौल को तनाव मुक्त रखने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र को सजाया सावरा गया है। खासी सुरक्षा के सभी व्यवस्थाएं की गई है। वहीं नौ बजे से पहले सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का प्रवेश कराया गया है। सासाराम के रोहतास महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

वार्षिक माध्यमिक परीक्षा आज से शुरू, कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए नवादा प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम
17 फरवरी से बिहार वार्षिक माध्यमिक परीक्षा शुरू हो गई। जिला प्रशासन ने कदाचार मुक्त परीक्षा कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नवादा प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय में बिहार वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के लिए छात्राओं को गेट पर ही एडमिट कार्ड चेक कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। बता दें कि नवादा अनुमंडल में कुल 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं रजौली में सात परीक्षा केंद्र बनाए गए। 17 फरवरी से 25 फरवरी तक माध्यमिक परीक्षा चलने वाली है। नवादा अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग ने बंस की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए नवादा सदर अनुमंडल में संचालित सभी 26 परीक्षा केंद्रों के पांच सौ गज की परिधि में सुबह आठ बजे से शाम 5:30 बजे अपराह्न तक निषेधागा लागू किया है।

2 पाली में हो रही है मैट्रिक परीक्षा, 25 फरवरी तक चलेगी
वहीं रजौली में भी बिहार प्रशासनिक सेवा अनुमंडल पदाधिकारी स्वतंत्र कुमार सुमन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के अंतर्गत शक्तियों का उपयोग करते हुए अनुमंडल मुख्यालय में पांच सौ गज की परिधि में शक्तियों की भीड़ भाड़ होने की प्रबल संभावना के मध्य नजर विधि व्यवस्था बाय रखने हेतु निषेधागा लागू किया है। बता दें कि सुबह प्रथम पाली 9:30 बजे से 12:45 बजे अपराध तक और द्वितीय पाली दो बजे अपराह्न से 5:15 बजे तक होगी।

मधेपुरा में मैट्रिक परीक्षा शुरू : 44 केंद्रों पर 28,115 परीक्षार्थी, कदाचार पर सख्त पहरा
बिहार के मधेपुरा जिले में आज से मैट्रिक वार्षिक परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हो गई है। 25 फरवरी तक चलने वाली इस परीक्षा में 44 केंद्रों पर 28 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से कदाचारमुक्त परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मधेपुरा में आज से मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा शुरू हो गई है
मधेपुरा में आज से मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा शुरू हो गई है। परीक्षा जिले के कुल 44 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जहां 28,115 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में हो रही है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक संचालित की जा रही है। पहली पाली में 14,095 और दूसरी पाली में 14,020 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। जिले के 44 केंद्रों में से 25 केंद्र जिला मुख्यालय क्षेत्र में और 19 केंद्र उदाकिशुनगंज अनुमंडल में बनाए गए हैं। छात्राओं के लिए 21 और छात्रों के लिए 23 केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

प्रशासन ने परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं
प्रशासन ने परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। पहली पाली के परीक्षार्थियों को सुबह नौ बजे तक और दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच या इलेक्ट्रॉनिक घड़ी ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट और साइबर कैफे की दुकानों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस बल और केंद्राधीक्षक की तैनाती की गई है।

परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी – जिला शिक्षा पदाधिकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। समय सीमा के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या के कारण कई छात्राओं की मैट्रिक की पहली पाली की परीक्षा छूट गई
पश्चिमी चंपारण जिले की बेतिया में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या के कारण कई छात्राओं की मैट्रिक परीक्षा की पहली पाली की परीक्षा छूट गई। छात्राओं का कहना है कि शहर में भीषण जाम के चलते वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सकीं। निर्धारित समय के पांच मिनट बाद पहुंचने पर परीक्षा केंद्र में उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इससे आहत छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगीं। यह दृश्य बेतिया के आमना उर्दू +2 स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र का है। घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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नेहा गुप्ता, अनिल कुमार, रमण कुमार, दीपक कुमार और सलाउद्दीन की रिपोर्ट
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