रांची : संतोष पांडे हत्याकांड मामले में मंत्री जगन्नाथ महतो के भाई बैजनाथ महतो को जमानत मिल गई है.
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है.
निचली अदालत ने बैजनाथ महतो सहित अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
जिसके खिलाफ उनकी ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल करते हुए जमानत की मांग की गई थी.
बता दें कि बोकारो में 25 वर्षीय युवक संतोष पांडेय की पीट-पीटकर हत्या के
मामले में मंत्री जगरनाथ महतो के भाई बैजनाथ महतो सहित सात लोगों को
दोषी ठहराया गया था. संतोष की 20 मार्च 2014 को हत्या कर दी गई थी.
तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में जिला जज प्रथम राजीव रंजन ने मामले की सुनवाई की थी. बैजनाथ महतो के अलावा जिन लोगों को दोषी ठहराया गया उनमें गणेश भारती, नेमी पुरी, कैलाश पुरी, जितेंद्र पुरी, नीरज पुरी एवं केवल महतो का नाम है. तीन अन्य अभियुक्तों सत्येन्द्र गिरी, मेहलाल पुरी एवं सूरज पुरी को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया. बैजनाथ महतो पहले से ही तेनुघाट जेल में बंद है. अन्य छह को दोषी पाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था.
मृतक के भाई ने दर्ज कराया था मामला
संतोष के बड़े भाई अनंत लाल पांडेय की शिकायत पर नावाडीह थाने में मामला दर्ज किया गया था. उसने कहा कि छोटे भाई संतोष पांडेय को तत्कालीन डुमरी विधायक जगरनाथ महतो ने अपने आवास के सामने जनता दरबार लगाकर पीटने का आदेश दिया था. फिर विधायक के भाई बैजनाथ महतो की अगुवाई में उसके भाई को अमानवीय ढंग से बुरी तरह से पीटा गया था. उस समय डुमरी विधायक स्वयं भी थे. पिटाई से बेहोश हुए भाई को डीवीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
ये है मामला
अलारगो निवासी युवक संतोष पांडेय ने सपने में भी नहीं सोचा था कि प्रेम करने की उसे इतनी कठोर सजा मिलेगी. जिस लड़की से उसने प्रेम किया था उसे कुछ दिन पहले तक ट्यूशन पढ़ाया करता था. ट्यूशन पढ़ाने के दौरान ही वह उसे दिल दे बैठा था. संतोष भंडारीदह के आदिवासी शिशु मंदिर में पढ़ाने का भी काम करता था. और साथ-जीने मरने की कसमें लेकर वह अपनी प्रेमिका के कहने पर ही उसके साथ चेन्नई चला गया था. गांव के कई युवक वहां रहते थे. संतोष ने मरने के पूर्व बताया था कि प्रेमिका की जिद पर वह उसे वहां ले गया था. जो लोग लाने के लिए चेन्नई गए थे. उन लोगों ने रास्ते में उसे प्रताड़ित भी किया था. खाना-पानी तक नहीं दिया गया था. उसकी प्रेमिका को गांव पहुंचने के पहले ही उतारकर किसी रिश्तेदार के घर भेज दिया गया था.
रिपोर्ट: प्रोजेश दास
















