Service Confirmation : झारखंड विधानसभा में अरूप चटर्जी ने JPSC से नियुक्त नगर पालिका अधिकारियों की सेवा संपुष्टि और वेतन विसंगति का मुद्दा उठाया। मंत्री ने तीन माह में नई नियमावली बनाने का आश्वासन दिया।
Service Confirmation रांची: झारखंड विधानसभा में झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से नियुक्त नगर पालिका अधिकारियों की सेवा संपुष्टि और उनके दर्जे को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। विधायक अरूप चटर्जी ने सरकार से सवाल किया कि 2022 में नियुक्त अधिकारियों को चार साल बाद भी नियमित क्यों नहीं किया गया और अब उन्हें राज्यकर्मी नहीं मानने की बात क्यों कही जा रही है।
Service Confirmation :नियुक्ति प्रक्रिया और नियमावली पर सवाल
सदन में अरूप चटर्जी ने कहा कि 2022 की नियुक्ति विज्ञापन में कहीं भी यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि संबंधित अधिकारी राज्य सरकार के कर्मी नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि नियुक्ति राज्यपाल के माध्यम से और झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा हुई, ऐसे में बाद में यह कहना कि वे नगर पालिका कर्मी हैं, नियमों के विपरीत प्रतीत होता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अधिकारी झारखंड नगर पालिका सेवा संवर्ग के अंतर्गत आते हैं, तो यह बात नियुक्ति विज्ञापन में क्यों नहीं दर्शाई गई। साथ ही उन्होंने कहा कि 2014 की सेवा नियमावली के अनुसार प्रोबेशन अवधि दो वर्ष है, फिर 2022 से 2026 तक चार वर्ष का समय क्यों लग गया।
Key Highlights
अरूप चटर्जी ने JPSC से नियुक्त नगर पालिका अधिकारियों की सेवा संपुष्टि पर सवाल उठाया
2014 नियमावली के अनुसार दो वर्ष प्रोबेशन के बावजूद चार वर्ष की देरी पर सरकार घिरी
मंत्री ने अधिकारियों को राज्यकर्मी नहीं, नगर पालिका संवर्ग का बताया
विभागीय परीक्षा आयोजित न होने के बावजूद प्रमाण पत्र मांगने पर विवाद
सरकार ने तीन माह में नई नियमावली बनाने का आश्वासन दिया
Service Confirmation :मंत्री का जवाब: नियमावली ही सर्वोपरि
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब किसी प्रकार की विसंगति उत्पन्न होती है तो विज्ञापन नहीं बल्कि नियमावली प्रभावी होती है। उन्होंने कहा कि विधिक विश्लेषण के आधार पर यह तय किया गया है कि संबंधित अधिकारी राज्यकर्मी नहीं, बल्कि नगर पालिका सेवा संवर्ग के अंतर्गत आते हैं।
मंत्री ने बताया कि झारखंड नगर पालिका सेवा संवर्ग की नई नियमावली 2025 प्रक्रियाधीन है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 2022 से 2026 तक चार वर्ष का समय अधिक है, लेकिन कुछ प्रक्रियागत कारणों और प्रमाण पत्रों की उपलब्धता में विलंब के कारण देरी हुई।
Service Confirmation : विभागीय परीक्षा और प्रमाण पत्र पर उठी आपत्ति
अरूप चटर्जी ने विभाग द्वारा भेजे गए पत्र पर भी सवाल उठाया, जिसमें विभागीय परीक्षा और हिंदी टिप्पण परीक्षा के प्रमाण पत्र मांगे गए थे। उनका कहना था कि जब विभागीय परीक्षा आयोजित ही नहीं हुई, तो अधिकारी प्रमाण पत्र कैसे प्रस्तुत करेंगे।
इस पर मंत्री ने कहा कि यदि नियमों में किसी परीक्षा का प्रावधान है तो संबंधित प्रमाण पत्र आवश्यक होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यदि परीक्षा आयोजित नहीं हुई है, तो इस स्थिति की समीक्षा कर समाधान निकाला जाएगा।
Service Confirmation : तीन माह में नई नियमावली का आश्वासन
बहस के दौरान समय सीमा तय करने की मांग पर मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि आने वाले तीन महीनों के भीतर नई नियमावली का गठन कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमावली बनते ही वेतन विसंगतियों और सेवा संपुष्टि से जुड़े मुद्दों का निराकरण किया जाएगा।
सदन में अध्यक्ष ने भी प्रश्नोत्तर काल के दौरान व्यवधान न उत्पन्न करने की अपील की, ताकि कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके।
Highlights







