Faculty Development Program 2026: बोकारो में जल प्रबंधन और वर्क-लाइफ बैलेंस पर विशेषज्ञों का मंथन

Bokaro News: कांद्रा, चास, बोकारो स्थित गुरु गोबिंद सिंह एजुकेशनल सोसाइटी टेक्निकल कैंपस (GGSESTC) में आयोजित ऑनलाइन ISTE-BNY फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के पांचवें दिन, देश भर के जाने-माने विशेषज्ञों ने कई समकालीन और महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

अपशिष्ट और जल प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने विचार रखे

मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (MIET), मेरठ के डीन (एकेडमिक्स) और विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव सिंह ने “अपशिष्ट और जल प्रबंधन” सत्र में मुख्य वक्ता के तौर पर भाग लिया। “स्थायी और समावेशी: जल और स्वच्छता सेवाएं” विषय पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सतत विकास के लिए प्रभावी जल और स्वच्छता सेवाओं का विस्तार बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि एक समावेशी और दीर्घकालिक जल प्रबंधन प्रणाली न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करती है, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पर्यावरण प्रभाव आकलन प्रक्रिया की व्याख्या

दूसरे सत्र में, MIT, मुजफ्फरपुर के प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) एम. के. झा ने “पर्यावरण प्रभाव आकलन” (Environmental Impact Assessment) पर विस्तृत जानकारी दी। “पेट्रोलियम अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों का पर्यावरण प्रभाव आकलन” विषय पर बोलते हुए उन्होंने पेट्रोलियम उद्योग के कार्यों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों और उनके वैज्ञानिक मूल्यांकन की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से समझाया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन तंत्र विकसित करना समय की मांग है।

मानसिक स्वास्थ्य और कार्य-जीवन संतुलन पर जोर

दिन के अंतिम सत्र में, फिटशाला (Fitshala) की डॉ. रुचिका गुप्ता ने “कार्य-जीवन संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य” पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और प्रतिस्पर्धा के बीच मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. गुप्ता ने प्रतिभागियों को मानसिक संतुलन बनाए रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए।

प्रतिभागियों ने सवाल पूछे और समाधान पाए

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों से संबंधित सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया। सभी सत्र जानकारीपूर्ण और उपयोगी रहे, और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए एक फायदेमंद पहल | संस्थान के निदेशक डॉ. प्रियदर्शी जारुहार ने कहा कि फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों और शोधकर्ताओं को तकनीकी, पर्यावरणीय और सामाजिक विषयों की नवीनतम जानकारी से अपडेट रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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