झारखंड में बिजली दर 59% तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर जनसुनवाई पूरी हो गई है। आयोग ने उपभोक्ताओं की आपत्तियों पर जेबीवीएनएल से जवाब मांगा, 31 मार्च तक फैसला संभव।
Jharkhand Electricity Tariff Hike रांची: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली टैरिफ निर्धारण को लेकर आयोजित जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राज्य के पांच अलग-अलग स्थानों पर आयोजित इन जनसुनवाई में उपभोक्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने बिजली दर बढ़ाने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। अब आयोग द्वारा इन आपत्तियों और सुझावों की स्क्रूटनी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार जनसुनवाई के दौरान उठे सवालों और आपत्तियों को लेकर आयोग ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड से विस्तृत जवाब मांगा है। इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
Key Highlights
बिजली टैरिफ बढ़ाने के प्रस्ताव पर जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी
आयोग ने जेबीवीएनएल से उठे सवालों पर मांगा जवाब
बिजली दर में 59 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव
उपभोक्ताओं और उद्योग संगठनों ने बढ़ोतरी का किया विरोध
31 मार्च तक नई टैरिफ दरों की घोषणा संभव
Jharkhand Electricity Tariff Hike: बिजली दर में 59 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में लगभग 59 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर 6.70 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 10.30 रुपये प्रति यूनिट करने की मांग की गई है।
इसी तरह औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान 6.10 रुपये प्रति यूनिट की दर को बढ़ाकर 9.10 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं सिंचाई के लिए बिजली दर 5.30 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 9 से 10 रुपये प्रति यूनिट करने का पिटीशन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
Jharkhand Electricity Tariff Hike: उपभोक्ताओं और उद्योग संगठनों ने जताई आपत्ति
जनसुनवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं और उद्योग संगठनों ने बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी का विरोध किया। वक्ताओं का कहना था कि पहले से ही राज्य में बिजली महंगी है और ऐसे में 59 प्रतिशत तक दर बढ़ाना राज्य की अर्थव्यवस्था और उद्योगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
लोगों ने यह भी कहा कि टैरिफ बढ़ाने से पहले बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करना जरूरी है।
Jharkhand Electricity Tariff Hike: इन मुद्दों पर जेबीवीएनएल से मांगा गया जवाब
जनसुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए, जिन पर आयोग ने जेबीवीएनएल से जवाब मांगा है। इनमें बकाया वसूली और वित्तीय प्रबंधन में सुधार, शत प्रतिशत बिलिंग कवरेज सुनिश्चित करने की आवश्यकता, सिक्योरिटी मनी पर ब्याज भुगतान नहीं किए जाने का मामला और एटीएंडसी लॉस के 26.34 प्रतिशत के आंकड़े पर सवाल शामिल हैं।
इसके अलावा यह भी कहा गया कि ऑडिटेड खातों के आधार पर बताई गई राजस्व कमी सही नहीं है और घाटे के बजाय लगभग 1000 करोड़ रुपये का अधिशेष बताया जा रहा है। ऐसी स्थिति में टैरिफ बढ़ाने के बजाय दरों में कमी होनी चाहिए। साथ ही एचटीएसएस टैरिफ वृद्धि और एचटी कॉमर्शियल के विकल्प पर भी आपत्ति जताई गई है।
फिलहाल आयोग इन सभी आपत्तियों और प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक 31 मार्च तक नई बिजली दरों की घोषणा कर दी जाएगी, जो एक अप्रैल से प्रभावी हो सकती है।
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