झारखंड में बिना इंटरव्यू एसोसिएट प्रोफेसर बने शिक्षकों को राहत, सरकार प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की तैयारी में, 400 शिक्षकों को फायदा।
Jharkhand University Promotion Update रांची: झारखंड के विश्वविद्यालयों में कार्यरत सलेक्शन ग्रेड असिस्टेंट प्रोफेसर से बिना इंटरव्यू एसोसिएट प्रोफेसर बने शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब उनके आगे के प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की तैयारी में है, जिससे प्रोफेसर बनने का रास्ता साफ हो सकेगा।
Jharkhand University Promotion Update: 400 एसोसिएट प्रोफेसरों को मिलेगा लाभ
राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में एसोसिएट प्रोफेसरों की कुल संख्या लगभग 400 बताई जा रही है। इनमें करीब 90 प्रतिशत शिक्षक सलेक्शन ग्रेड के आधार पर बिना इंटरव्यू इस पद पर पहुंचे हैं, जबकि केवल 10 प्रतिशत शिक्षक ही झारखंड लोक सेवा आयोग के इंटरव्यू के जरिए इस पद पर नियुक्त हुए हैं।
सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका प्रमोशन लंबे समय से अटका हुआ था।
Key Highlights:
बिना इंटरव्यू एसोसिएट प्रोफेसर बने शिक्षकों को राहत
सरकार प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की तैयारी में
करीब 400 शिक्षकों को मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालयों से संशोधित प्रस्ताव मांगा गया
सीनियरिटी और मेरिट व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
Jharkhand University Promotion Update:विश्वविद्यालयों से मांगा गया संशोधित प्रस्ताव
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस मामले में सभी विश्वविद्यालयों से संशोधित प्रस्ताव भेजने को कहा है। प्रस्ताव मिलने के बाद सरकार अंतिम निर्णय लेकर प्रमोशन प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।
यह कदम शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही जटिलताओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Jharkhand University Promotion Update:सीनियरिटी और मेरिट पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल प्रमोशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विश्वविद्यालयों में सीनियरिटी, मेरिट और समान अवसर की व्यवस्था पर भी प्रभाव डाल सकता है।
इंटरव्यू के जरिए प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों के लिए यह निर्णय नई चुनौती खड़ी कर सकता है, क्योंकि दोनों वर्गों के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए अहम होगा।


