Hazaribagh: जिले के इचाक स्थित ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी मंदिर की जमीन को लेकर एक अनोखा और भावनात्मक दृश्य उपायुक्त कार्यालय में देखने को मिला। मंदिर के महंत विजयानंद दास श्रद्धालुओं के साथ भगवान की मूर्ति को गोद में लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे और मंदिर की भूमि को कथित अवैध कब्जे एवं बिक्री से बचाने की मांग की।
181 वर्ष पुराने मंदिर की जमीन पर विवाद
महंत विजयानंद दास का आरोप है कि इचाक स्थित 181 वर्ष पुराने ठाकुरबाड़ी मंदिर की भूमि को गलत तरीके से बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर की संपत्ति पर कथित रूप से भू-माफियाओं और जमीन दलालों की नजर है, जिससे धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को खतरा पैदा हो गया है।
महंत ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर मंदिर की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
श्रद्धालुओं के साथ डीसी कार्यालय पहुंचे महंत
मंदिर की भूमि से जुड़े विवाद को लेकर महंत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मंदिर की संपत्ति की रक्षा करने की अपील की। इस अनोखे प्रदर्शन ने शहर में लोगों का ध्यान आकर्षित किया और दिनभर यह चर्चा का विषय बना रहा।
उपायुक्त ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित जमीन मंदिर की है तो उसे किसी के द्वारा नहीं छीना जा सकता। उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है मंदिर
स्थानीय लोगों के अनुसार इचाक का ठाकुरबाड़ी मंदिर क्षेत्र की महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। बताया जाता है कि इस मंदिर का संबंध रामगढ़ राज घराने से भी रहा है। फिलहाल मंदिर प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। जांच के बाद ही भूमि विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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