रांची में JSSC पेपर लीक मामले में 159 अभ्यर्थी जेल भेजे गए, डिबार का खतरा, परिजन ठगी का आरोप लगा रहे हैं, गिरोह के एजेंटों की तलाश जारी।
JSSC Paper Leak Case रांची: रांची में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले ने 159 युवाओं के सपनों को झकझोर दिया है। सरकारी नौकरी की उम्मीद में उठाया गया एक गलत कदम अब उनके भविष्य पर भारी पड़ रहा है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सख्ती के बीच इन सभी अभ्यर्थियों को सोमवार को जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार युवाओं की उम्र 21 से 30 वर्ष के बीच है, जिनमें अधिकांश 26 वर्ष से कम हैं। यही वह उम्र होती है जब करियर की सबसे अधिक संभावनाएं होती हैं, लेकिन इस घटना ने उनकी राह मुश्किल बना दी है। अब इन पर भविष्य में परीक्षा देने पर प्रतिबंध यानी डिबार का खतरा भी मंडरा रहा है।
JSSC Paper Leak Case: परिजनों का दर्द: ठगी का आरोप, जेल के बाहर बेबसी
मंगलवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के बाहर दर्दनाक दृश्य देखने को मिला। 30 से अधिक अभ्यर्थियों के परिजन जेल पहुंचे, लेकिन कई को मुलाकात तक नहीं मिल सकी।
किसी की मां रोते-रोते बेहोश हो रही थी, तो कोई पिता खुद को ठगा हुआ बता रहा था। परिजनों का कहना है कि गिरोह ने 100 प्रतिशत सफलता का झूठा वादा कर लाखों रुपये ठग लिए। अब पैसा भी चला गया और बेटा जेल में है।
Key Highlights
JSSC पेपर लीक मामले में 159 अभ्यर्थी जेल भेजे गए
अभ्यर्थियों पर डिबार का खतरा, भविष्य पर संकट
परिजनों ने गिरोह पर ठगी का आरोप लगाया
21 से 30 वर्ष के युवा, अधिकांश 26 वर्ष से कम
गिरोह के कई एजेंटों की तलाश में जुटी पुलिस
JSSC Paper Leak Case: ऐसे फंसे अभ्यर्थी, सुनियोजित तरीके से रचा गया जाल
जांच में सामने आया है कि गिरोह ने अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर उन्हें एक जगह बुलाया, जहां प्रश्न-उत्तर रटवाए गए।
बिहार के रोहतास का एक युवक, जो दुकान में काम करता था, फिजिकल परीक्षा पास कर चुका था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन पास कराने के भरोसे में वह भी जाल में फंस गया और अब जेल में है।
गिरिडीह के धनवार और गया जिले के कई अभ्यर्थियों के परिवारों ने भी कर्ज लेकर पैसे दिए, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला।
JSSC Paper Leak Case: गिरोह के एजेंटों की तलाश तेज, कई नाम सामने आए
इस मामले में पुलिस अब गिरोह के एजेंटों की तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है कि आधा दर्जन से अधिक एजेंटों के जरिए अभ्यर्थियों को तमाड़ के रड़गांव में बुलाया गया था।
जांच में मुख्य सरगना क्रिस्टोफर के अलावा आदित्य सिंह, छोटू, फिरोज, विनोद कुमार, कृष्णा कुमार और गुलाब यादव जैसे नाम सामने आए हैं। पुलिस इन सभी की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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