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Blood Crisis in RIMS: रिम्स समेत झारखंड के बड़े अस्पतालों में खून की भारी कमी, ऑपरेशन टलने लगे

रांची रिम्स और धनबाद एसएनएमएमसीएच में खून की भारी कमी से मरीजों की परेशानी बढ़ी। कई ऑपरेशन टालने पड़े, ब्लड बैंक का स्टॉक बेहद कम।


Blood Crisis in RIMS : झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स इन दिनों गंभीर ब्लड संकट से जूझ रहा है। स्थिति इतनी खराब हो गयी है कि राज्य के एकमात्र मॉडल ब्लड बैंक का स्टॉक कई बार 50 यूनिट से नीचे पहुंच जा रहा है। बुधवार को भी ब्लड बैंक में मात्र 70 यूनिट खून उपलब्ध था। खून की कमी का सीधा असर मरीजों के इलाज और ऑपरेशन पर पड़ रहा है।

रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन ब्लड बैंक पहुंच रहे हैं, लेकिन पर्याप्त स्टॉक नहीं होने के कारण कई लोगों को बिना खून लौटना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों की सर्जरी तक टालनी पड़ रही है।

रिम्स में आधे मरीजों को नहीं मिल पा रहा खून

रिम्स ब्लड बैंक में रोजाना औसतन 20 डिमांड पर्चियां पहुंच रही हैं। बुधवार को ऑपरेशन के लिए 17 मरीजों के परिजन खून लेने पहुंचे थे, लेकिन इनमें से सिर्फ नौ लोगों को ही खून मिल सका। बाकी आठ मरीजों की सर्जरी स्थगित करनी पड़ी।

हालांकि रिप्लेसमेंट के आधार पर 98 यूनिट खून की सप्लाई की गयी, लेकिन ब्लड बैंक में स्टॉक की स्थिति लगातार कमजोर बनी हुई है। कई ब्लड ग्रुप पूरी तरह आउट ऑफ स्टॉक हो चुके हैं।

ब्लड बैंक में कई ऐसी डिमांड पर्चियां भी जमा हैं, जिनमें प्लांड ऑपरेशन का उल्लेख है और वे दो-तीन दिनों से लंबित हैं। बिना रिप्लेसमेंट यानी “खून के बदले खून” के रक्त उपलब्ध कराना अब ब्लड बैंक के लिए मुश्किल होता जा रहा है।


Key Highlights

  • रिम्स ब्लड बैंक में बुधवार को केवल 70 यूनिट खून उपलब्ध

  • खून की कमी से रिम्स में आठ ऑपरेशन टले

  • धनबाद एसएनएमएमसीएच में सिर्फ आठ यूनिट ब्लड बचा

  • पिछले एक सप्ताह में 11 सर्जरी प्रभावित

  • थैलेसीमिया मरीजों को सबसे अधिक परेशानी


Blood Crisis in RIMS:धनबाद में भी 11 ऑपरेशन टले

रांची के साथ-साथ धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी ब्लड संकट गहराता जा रहा है। बुधवार तक एसएनएमएमसीएच ब्लड बैंक में केवल आठ यूनिट खून उपलब्ध था।

इनमें बी पॉजिटिव के पांच यूनिट, ओ निगेटिव के दो यूनिट और ओ पॉजिटिव का केवल एक यूनिट शामिल था। पिछले एक सप्ताह में खून की कमी के कारण 11 ऑपरेशन तय समय पर नहीं हो सके और उन्हें अगले दिन करना पड़ा।

Blood Crisis in RIMS:थैलेसीमिया मरीजों की बढ़ी परेशानी

ब्लड की कमी का सबसे ज्यादा असर थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। अस्पताल में समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने से मरीजों के परिजन खुद डोनर खोजने को मजबूर हैं। कई मामलों में समाजसेवियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रक्त की व्यवस्था की जा रही है।

बुधवार को भी 10 से अधिक मरीज ब्लड मिलने का इंतजार करते रहे। डॉक्टरों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त रक्तदान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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