पटना : बिहार में गुमशुदा या लापता बच्चों का पूरा विवरण मिशन वात्सल्य पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इन बच्चों की जानकारी शत-प्रतिशत इस विशेष पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही ट मेंटल हेल्थकेयर एक्ट, 2017 की धारा-100 के प्रावधानों को थाना स्तर पर लागू करने के लिए खासतौर से निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से जारी इस दिशा-निर्देश में सभी थानों को तमाम जानकारियां पोर्टल पर अपडेट करने के लिए कहा गया है। मुख्यालय के स्तर से इससे संबंधित एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी किया गया है। अगर कोई बच्चा मिल जाता है, तो इसकी जानकारी भी इस पर दर्ज कराते हुए डाटाबेस को अपडेट रखना है।
पहले गुमशुदा या लापता बच्चों की सटीक जानकारी थानावार ही उपलब्ध हो पाती थी
पहले गुमशुदा या लापता बच्चों की सटीक जानकारी थानावार ही उपलब्ध हो पाती थी। इस पोर्टल के शुरू होने पर इस पर ऐसे महज 3190 बच्चों की जानकारी दर्ज थी। सतत मनीटरिंग के कारण महज एक महीने में यह संख्या बढ़कर आठ हजार 681 हो गई है। इसके सफल संचालन को लेकर थाना स्तर के सभी पुलिस कर्मियों के लिए निजी संस्थानों और विश्वविद्यालय के सहयोग से एक सशक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तैयार किया गया है। इससे संबंधित ट्रेनिंग भी 1171 पदाधिकारियों को दे दी गई है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सीआईडी के अंतर्गत कमजोर वर्ग की है।
नया सवेरा अभियान में मुक्त कराए गए 94 पीड़ित, दो जिला टॉप
राज्य में मानव व्यापार के खिलाफ एक से 30 अप्रैल तक नया सवेरा-2.0 अभियान चलाया गया। इस दौरान 46 नाबालिग बच्चों (20 बच्चियां और 26 बच्चे) समेत 94 पीड़ितों को मुक्त कराया गया। इस अभियान के दौरान दो मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह बालश्रम के मामलों में 61 कांड दर्ज किए गए, जिसमें 190 बच्चों और तीन बच्चियों को मुक्त कराया गया।
पुलिस मुख्यालय में हाल में हुई एक प्रेसवार्ता के दौरान ADG के स्त से यह जानकारी दी गई थी
पुलिस मुख्यालय में हाल में हुई एक प्रेसवार्ता के दौरान एडीजी (कमजोर वर्ग) के स्त से यह जानकारी दी गई थी। लैंगिक अपराध और ऑर्केस्ट्रा या डांस ग्रुप के मामले में 20 कांड दर्ज किए गए, जिसमें 92 नाबालिग बच्चियों और एक नाबालिक बच्चे समेत 140 पीड़ितों को मुक्त कराया गया। 35 महिलाओं समेत 114 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह नया सवेरा अभियान के दूसरे चरण में 427 पीड़ितों को राज्यभर से मुक्त कराया गया है और 116 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मुक्त कराए गए पीड़ितों में पश्चिम बंगाल (28), हरियाणा (2), झारखंड (2), उत्तरप्रदेश (6), छत्तीसगढ़ (1), उड़ीसा (3) और नेपाल के एक शामिल हैं। अभियान के दौरान सर्वाधिक गिरफ्तारी करने वाले टॉप दो जिलों रोहतास और अररिया को पुरस्कृत किया जाएगा।
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