Bihar Sahayog Shivir: तीन महीने में 96% मामलों का निष्पादन, 6.20 लाख शिकायतों का हुआ शिकायतों

Bihar Sahayog Shivir: बिहार में पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चलाए जा रहे सहयोग शिविर का असर सामने आने लगा है। सरकार के अनुसार, अभियान शुरू होने के करीब तीन महीने के दौरान प्राप्त कुल आवेदनों में से लगभग 96 फीसदी मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। पंचायतों में आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।

6.46 लाख आवेदन मिले, 6.20 लाख मामलों का निष्पादन

सरकारी जानकारी के मुताबिक, अब तक 6 लाख 46 हजार 181 आवेदन सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। इनमें से 6 लाख 20 हजार 30 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। इस तरह प्राप्त आवेदनों में करीब 96 प्रतिशत मामलों का समाधान हो चुका है, जबकि लगभग 4 प्रतिशत मामले अभी लंबित हैं। आवेदनों के निष्पादन के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

6,533 पंचायतों में लग चुका है शिविर

राज्य की कुल 8,032 पंचायतों में से 6,533 पंचायतों में अब तक सहयोग शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं बिहार के सभी 534 प्रखंडों में भी शिविर आयोजित हो चुका है। सरकार के अनुसार, आने वाले एक-दो सहयोग शिविरों के दौरान राज्य की बाकी पंचायतों को भी इस अभियान से जोड़ लिया जाएगा।

महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में शिविर

सहयोग शिविर की शुरुआत 19 मई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग गांव से की थी। निर्धारित व्यवस्था के तहत पंचायत स्तर पर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किया जाता है। वहीं, हर महीने के दूसरे मंगलवार को राज्यस्तरीय शिविर आयोजित किया जाता है, जिसमें मुख्यमंत्री खुद लोगों की समस्याएं सुनते हैं। शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की मुख्यमंत्री सचिवालय से नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा मामलों का निष्पादन

सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के मामले में शीर्ष 10 जिलों में शेखपुरा, सहरसा, शिवहर, खगड़िया, भोजपुर, जमुई, गोपालगंज, अरवल, पश्चिम चंपारण और बांका शामिल हैं। इन जिलों में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के निष्पादन की स्थिति को बेहतर बताया गया है।

पंचायत में ही समाधान से लोगों को राहत

सहयोग शिविरों का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान उनके पंचायत और गांव के आसपास ही उपलब्ध कराना है। शिविरों में जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाता है और उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाती है।इस व्यवस्था से लोगों के समय और खर्च की बचत होने के साथ सरकारी कार्यालयों की अनावश्यक भागदौड़ भी कम होने की उम्मीद है।

सभी पंचायतों में लगातार जारी रहेगा सहयोग शिविर

सरकार के अनुसार, राज्य की सभी पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित होने के बाद भी यह अभियान बंद नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन लगातार जारी रखने की योजना है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है।

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