मंत्री निशांत ने कहा- बाल हृदय योजना के तहत 99वें बैच में 28 बच्चों को निःशुल्क इलाज हेतु भेजा गया अहमदाबाद

पटना : युवा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा संचालित बाल हृदय योजना राज्य के जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए नई उम्मीद और नया जीवन लेकर आई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में दिनांक 22 मई 2026 को योजना के अंतर्गत 99वें बैच के रूप में 28 बच्चों को निःशुल्क इलाज हेतु श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल अहमदाबाद भेजा गया है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा- बाल हृदय योजना की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा 4 अप्रैल 2021 को की गई थी

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि बाल हृदय योजना की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा चार अप्रैल 2021 को की गई थी। बिहार सरकार द्वारा सात निश्चय-2 में शामिल ‘सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा’ प्रदान करने के उद्देश्य से हृदय में छेद के साथ जन्मे 0-18 वर्ष के बच्चों को नि:शुल्क उपचार एवं चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु बाल हृदय योजना प्रारंभ की गई थी। इस योजना के माध्यम से अब तक राज्य के 3028 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार कराया जा चुका है। यह योजना गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों एवं उनके परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है। योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिली है तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

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इस बैच में अररिया, अरवल, औरंगाबाद, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, किशनगंज, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पटना, सारण, शिवहर, सुपौल, सहरसा व कैमूर जिलों के बच्चे शामिल हैं

इस बैच में अररिया, अरवल, औरंगाबाद, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, किशनगंज, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पटना, सारण, शिवहर, सुपौल, सहरसा एवं कैमूर जिलों के बच्चे शामिल हैं, जो जन्मजात हृदय रोग, विशेष रूप से हृदय में छेद की समस्या से पीड़ित हैं। इन सभी बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में निःशुल्क सर्जरी एवं उपचार कराया जाएगा। माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी बच्चे का इलाज आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो। इसी सोच के साथ राज्य सरकार जरूरतमंद बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क एवं उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि 99वें बैच का अहमदाबाद भेजा जाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार लगातार जरूरतमंद बच्चों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविरों व स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का आयोजन कर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाती है

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविरों एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का आयोजन कर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाती है। चयनित बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच के उपरांत आवश्यकता अनुसार आईजीआईसी, आईजीआईएमएस, मेदांता अस्पताल (पटना) एवं श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में इलाज हेतु भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य के प्रत्येक जरूरतमंद नागरिक को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बाल हृदय योजना इसी संकल्प का एक संवेदनशील एवं प्रभावी उदाहरण है, जिसने हजारों बच्चों के जीवन में नई मुस्कान और उनके परिवारों को नई आशा दी है।

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