झामुमो ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग से विशेष निगरानी की मांग की है। पार्टी ने आर्थिक प्रलोभन और दबाव की आशंका जताई।
Rajya Sabha Election 2026 रांची:झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग से विशेष सतर्कता और निगरानी बरतने की मांग की है। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और भयमुक्त बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय रखने की अपील की है।
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजकर राज्यसभा चुनाव में भ्रष्टाचार, आर्थिक प्रलोभन और बाहरी दबाव की संभावनाओं को लेकर चिंता जताई है। पार्टी ने आग्रह किया है कि चुनाव के दौरान निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाए।
Rajya Sabha Election 2026:केंद्रीय एजेंसियों को सतर्क रखने की मांग
झामुमो ने अपने पत्र में कहा है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सक्रिय रहने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
पार्टी का कहना है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
Key Highlights
- झामुमो ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
- राज्यसभा चुनाव में विशेष निगरानी की मांग
- आर्थिक प्रलोभन और दबाव की जताई आशंका
- गठबंधन के पास 56 विधायकों का दावा
- भाजपा के उम्मीदवार उतारने पर उठाए सवाल
Rajya Sabha Election 2026:गठबंधन के पास 56 विधायकों का दावा
झामुमो की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि झारखंड विधानसभा में झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाकपा (माले) गठबंधन के कुल 56 विधायक हैं। इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के चार और भाकपा (माले) के दो विधायक शामिल हैं।
पार्टी ने दावा किया है कि इस संख्या बल के आधार पर गठबंधन के दो राज्यसभा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है।
Rajya Sabha Election 2026:भाजपा के उम्मीदवार उतारने पर जताई चिंता
झामुमो ने पत्र में कहा है कि विधानसभा में पर्याप्त संख्या नहीं होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार भाजपा के पास कुल 21 विधायक हैं।
झामुमो ने आशंका जताई है कि इस परिस्थिति में विधायकों को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर आर्थिक प्रलोभन, बाहरी दबाव और भयादोहन की कोशिशें हो सकती हैं। इसी कारण निर्वाचन आयोग से अतिरिक्त निगरानी और सख्त सतर्कता की मांग की गई है।
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