ट्रेजरी घोटाले के बाद झारखंड सरकार ने वेतन भुगतान प्रक्रिया के लिए नई एसओपी जारी की है। कर्मचारी डेटा में बदलाव अब ऑनलाइन और नियंत्रित तरीके से होगा।
Treasury Scam Impact रांची: ट्रेजरी घोटाले के बाद झारखंड सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। वित्त विभाग ने वेतन निकासी और कर्मचारी डेटा प्रबंधन से जुड़ी गड़बड़ियों को रोकने के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के मास्टर डेटाबेस में छेड़छाड़ की संभावनाओं को समाप्त करना और वेतन भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है। वित्त विभाग का मानना है कि इससे भविष्य में अवैध वेतन निकासी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
Treasury Scam Impact:ट्रेजरी घोटाले के बाद सख्त हुई निगरानी
प्रधान महालेखाकार की रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद वित्त विभाग ने कर्मचारी मास्टर डेटा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी के तहत संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा के हस्ताक्षर से नया आदेश जारी किया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब कर्मचारी डेटा में किसी भी प्रकार का संशोधन नियंत्रित, सत्यापित और पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव होगा। इसके लिए एक विस्तृत चेकलिस्ट भी तैयार की गई है, जिसका पालन ट्रेजरी और संबंधित अधिकारियों को अनिवार्य रूप से करना होगा।
Key Highlights:
ट्रेजरी घोटाले के बाद वित्त विभाग ने नई एसओपी लागू की।
कर्मचारी मास्टर डेटा में छेड़छाड़ रोकने के लिए सख्त व्यवस्था।
प्रोफाइल फ्रीज होने से वेतन भुगतान में हो रही देरी दूर होगी।
कर्मचारी डेटा को दो अलग-अलग प्रोफाइल में बांटा गया।
किसी भी बदलाव की सूचना कर्मचारी को एसएमएस से मिलेगी।
Treasury Scam Impact:प्रोफाइल फ्रीज होने से अटक रहा था वेतन
मार्च और अप्रैल से लागू आईएफएमएस प्रणाली के तहत वेतन निकासी के समय डीडीओ स्तर पर कर्मचारियों की प्रोफाइल को फ्रीज कर दिया जाता था। इसका परिणाम यह हुआ कि कर्मचारियों के प्रमोशन, पदनाम परिवर्तन, स्थानांतरण, वेतन संशोधन तथा बैंक खाते से जुड़ी जानकारियों में समय पर बदलाव नहीं हो पाता था।
कई मामलों में आवश्यक संशोधन नहीं होने के कारण अगले महीने का वेतन अटकने की स्थिति भी बन जाती थी। कर्मचारियों और विभागों की इसी समस्या को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है।
Treasury Scam Impact:कर्मचारी डेटा को दो हिस्सों में बांटा गया
नई एसओपी के तहत कर्मचारियों के डेटा को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
पहली श्रेणी ‘बेसिक प्रोफाइल’ की होगी, जिसमें जीपीएफ नंबर, नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर, पैन नंबर, मोबाइल नंबर, जेंडर और नॉमिनी जैसी स्थायी जानकारियां शामिल रहेंगी। इनमें संशोधन के लिए कर्मचारी को कर्मचारी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद डीडीओ की स्वीकृति मिलने पर मामला पेंशन एवं लेखा निदेशालय भेजा जाएगा, जहां अंतिम अनुमोदन होगा।
दूसरी श्रेणी ‘सैलरी एवं पोस्टिंग प्रोफाइल’ की होगी। इसमें कर्मचारी का पदनाम, पदस्थापन स्थल, बेसिक पे, पे बैंड, पे लेवल, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड जैसी जानकारियां दर्ज रहेंगी।
Treasury Scam Impact:बदलाव की सूचना तुरंत मिलेगी
नई व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीकी निगरानी भी जोड़ी गई है। कर्मचारी के प्रोफाइल में किसी भी प्रकार का बदलाव होते ही उसकी सूचना संबंधित कर्मचारी के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी।
वित्त विभाग का मानना है कि इससे एक ओर जहां कर्मचारी अपनी जानकारी की निगरानी स्वयं कर सकेंगे, वहीं दूसरी ओर डेटा में अनधिकृत बदलाव या फर्जीवाड़े की संभावना भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
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