पटना : प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में बाघों की अहम भूमिका है। बाघों का संरक्षण सिर्फ एक वन्यजीव को सुरक्षित करने के नाते करना जरूरी नहीं है। बल्कि, इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को इनके बारे में जानकारी देने और दिखाने के लिए भी आवश्यक है। ये बातें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय व्याघ्र दिवस के अवसर पर पटना जू के थ्री-डी थिएटर में आयोजित कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर मंत्री ने पटना जू में जन्म लिए चार बाघ शावकों का नामाकरण रूद्र, तेजस, पूर्णिमा और सृष्टि किया।
बाघ संरक्षण के क्षेत्र में पटना जू का योगदान उल्लेखनीय रहा है – राज्य जैव विविधता पर्षद के अध्यक्ष भरत ज्योति
इस कार्यक्रम में राज्य जैव विविधता पर्षद के अध्यक्ष भरत ज्योति ने कहा कि बाघ संरक्षण के क्षेत्र में पटना जू का योगदान उल्लेखनीय रहा है। पिछले 53 वर्षों में यहां 53 बाघों का पालन-पोशन किया गया। इनमें 36 बाघों का जन्म पटना जू में ही हुआ था। जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित करना भी हमारी सामुहिक जिम्मेदारी है।
सफेद बाघों के संरक्षण में बिहार देश में दूसरे स्थान पर – निदेशक
जू के निदेशक हेमंत पाटिल ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बाघ पारिस्थितिकी तंत्र की खाद्य श्रृंखला को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्ष 2006 में भारत में बाघों की संख्या एक हजार 411 थी, जो 2010 में बढ़कर एक हजार 706 और वर्ष 2022 की गणना में इनकी संख्या बढ़कर तीन हजार 682 तक पहुंच गई। सफेद बाघों के संरक्षण के मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर है।
मंत्री ने चिड़ियाघर और वन्यजीवों की बेहतर देखभाल करने वाले कर्मियों की सराहना की
इस मौके पर मंत्री ने चिड़ियाघर और वन्यजीवों की बेहतर देखभाल करने वाले कर्मियों की सराहना की और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। चित्रांकन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी पुरस्कार प्रदान किया। मंत्री ने जू प्रशासन से ऐसे सराहनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों और बच्चों को समय-समय पर प्रोत्साहित करते रहने की अपील की।
चित्रांकन प्रतियोगिता के विजेता
चित्रांकन प्रतियोगिता में संत कैरेंस स्कूल की अपराजिता कुमारी ने कैटेगरी-ए, संत माइकल्स स्कूल की आरोही सिंह ने कैटेगरी-बी, कृतिका अमृत ने कैटेगरी-सी तथा ऋषिता सिंह ने कैटेगरी-डी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को समारोह में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभाग के विशेष सचिव आलोक कुमार, मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन एवं मानव संसाधन विकास) अमित कुमार, वन संरक्षक (मुख्यालय) सत्यजित कुमार, मंत्री के आप्त सचिव रविश कुमार सहित विभाग के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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