Garhwa Voter List Update: जन्म तिथि के आधार पर देने होंगे दस्तावेज, प्रशासन ने जारी किए निर्देश

Garhwa News: गढ़वा ज़िले में होने वाले ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) अभियान की तैयारी के तहत, प्रशासन ने वोटर वेरिफिकेशन प्रोसेस से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ एक अहम बैठक की। सदर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर संजय कुमार ने 80-गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें अभियान के ढांचे और गाइडलाइंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

बैठक का मुख्य मकसद वोटर लिस्ट को पूरी तरह से सही, अप-टू-डेट और गलती-मुक्त बनाना था। SDM ने राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने कार्यकर्ताओं के ज़रिए लोगों में जागरूकता फैलाने का अभियान चलाएं, ताकि कोई भी योग्य वोटर इस प्रक्रिया से छूट न जाए।

मैपिंग नहीं होने पर भी नहीं कटेगा नाम

बैठक के दौरान, SDM संजय कुमार ने साफ़ किया कि जिन वोटर्स की मैपिंग अभी तक नहीं हुई है, उनके नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाए जाएंगे। ऐसे वोटर्स अपने संबंधित BLO से संपर्क करके मैपिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मैप्ड और अनमैप्ड, दोनों तरह के वोटर्स को एन्यूमरेशन फ़ॉर्म दिए जाएंगे और सिर्फ़ मैपिंग न होने की वजह से किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा।

जन्म तिथि के अनुसार देने होंगे दस्तावेज

प्रशासन ने बताया कि विशेष सघन पुनरीक्षण के दौरान, मतदाताओं को अपनी उम्र और नागरिकता से जुड़े दस्तावेज़ जमा करने होंगे। इसके लिए अलग-अलग आयु-वर्गों के आधार पर नियम तय किए गए हैं।

1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे वोटर: सिर्फ़ अपने दस्तावेज़ जमा करने होंगे।
1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे वोटर: अपने दस्तावेज़ों के अलावा, अपनी माँ या पिता में से किसी एक के दस्तावेज़ भी जमा करने होंगे।
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे वोटर: अपने दस्तावेज़ों के अलावा, अपनी माँ और पिता दोनों के दस्तावेज़ जमा करना ज़रूरी है।

प्रशासन ने यह भी साफ़ किया कि जिन वोटरों की मैपिंग अभी तक नहीं हुई है, उन्हें फ़िलहाल सिर्फ़ भरा हुआ और साइन किया हुआ एन्यूमरेशन फ़ॉर्म BLO को जमा करना होगा; दस्तावेज़ बाद में आधिकारिक सुनवाई के दौरान मांगे जाएंगे।

परिवार में किनके साथ हो सकती है मैपिंग

प्रशासन ने फ़ैमिली मैपिंग के बारे में भी स्थिति साफ़ कर दी है। वोटर अपनी जानकारी को सिर्फ़ अपने माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी के साथ ही मैप करवा सकते हैं। दादा-दादी या नाना-नानी के आधार पर मैपिंग की इजाज़त तब भी होगी, जब माता-पिता के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में न हों। हालाँकि, चाचा-चाची, भाई-बहन या दूसरे रिश्तेदारों के आधार पर मैपिंग की इजाज़त नहीं होगी।

SDM संजय कुमार ने कहा कि प्रशासन का मकसद 100% सही और अप-टू-डेट वोटर लिस्ट तैयार करना है। उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से इस बड़े अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। ​​बैठक में अलग-अलग पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें प्रभात रंजन (आम आदमी पार्टी), नंदा पासवान (BSP), जितेंद्र प्रसाद (BJP), शंकर प्रताप विश्वकर्मा (AJSU), शरीफ अंसारी (JMM) और करीब अंसारी (RJD) शामिल थे।

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