मोतिहारी : मोतिहारी सदर प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों ने अपने लंबित मानदेय भुगतान को लेकर हड़ताल करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं औरफैसिलिटेटरों ने सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। आशा और आशा फैसिलिटेटरों ने एकदिवसीय हड़ताल कर प्रदर्शन किया।
पिछले लगभग 9 से 10 महीनों से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है – आशा फैसिलिटेटर रूपा खातून
प्रदर्शन में शामिल आशा फैसिलिटेटर रूपा खातून ने कहा कि पिछले लगभग नौ से 10 महीनों से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। जिसके कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि लगातार स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों में कार्य करने के बावजूद उन्हें उनके श्रम का उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।

उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे
उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। सरकार द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय जारी कर दिया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभी तक किसी भी आशा बहन के खाते में राशि नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि बार-बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा- लगातार 10 महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके परिवार के समक्ष भरण-पोषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार 10 महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके परिवार के समक्ष भरण-पोषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से अविलंब बकाया मानदेय का भुगतान करने और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की।

अगर पैसा नहीं, तो काम नहीं – आशा कार्यकर्ता
आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर पैसा नहीं, तो काम नहीं। जबतक उनका लंबित मानदेय नहीं मिलता और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी आंशिक असर देखने को मिला। प्रदर्शनकारी आशा एवं फैसिलिटेटरों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द हस्तक्षेप कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की

प्रदर्शन के दौरान आशा ने एक स्वर में कहा- अगस्त माह के बाद से उनके खाते में मानदेय की राशि नहीं आई है
वहीं प्रदर्शन के दौरान आशा ने एक स्वर में कहा कि अगस्त माह के बाद से उनके खाते में मानदेय की राशि नहीं आई है। इसके बावजूद वे नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण अभियान, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों और अन्य सरकारी योजनाओं में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं।

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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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