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अकीदत व एहतराम के साथ निकला मुहर्रम का जुलूस, जगह-जगह जायरीन की हुई खिदमत

गयाजी : ऐतिहासिक और मजहबी शहर गया में यौम-ए-आशूरा के अवसर पर शिया समुदाय की ओर से पारंपरिक जंजीरी मातम का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। मुहर्रम का जुलूस रंगबहादुर रोड स्थित शिया मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस चंद्रशेखर जनता कॉलेज, गंगा महल, तुतबाड़ी, ताज कॉलोनी और पंचायती अखाड़ा होते हुए कर्बला पहुंचा। हजारों अकीदतमंदों ने ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

पूरे मार्ग में गमगीन माहौल के बीच बड़ी संख्या में लोग जुलूस को देखने के लिए मौजूद रहे

पूरे मार्ग में गमगीन माहौल के बीच बड़ी संख्या में लोग जुलूस को देखने के लिए मौजूद रहे। कई स्थानों पर सोगवारों, ज़ायरीन और राहगीरों के लिए पानी, शर्बत व शीतल पेय की व्यवस्था की गई। पीस कमेटी के सचिव इकबाल हुसैन ने शर्बत और शीतल पेय वितरित करते हुए इमाम हुसैन के इंसानियत, हक और इंसाफ के संदेश को अपनाने की अपील की।

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राजद नेता डॉ. विश्वनाथ सिंह ने कहा- मुहर्रम सत्य व न्याय के लिए हर कुर्बानी देने की प्रेरणा देता है

वहीं राजद नेता डॉ. विश्वनाथ सिंह ने कहा कि मुहर्रम सत्य और न्याय के लिए हर कुर्बानी देने की प्रेरणा देता है। सदादत हसन उर्फ प्रिंस ने भी सहयोगियों के साथ सेवा कार्य में भाग लिया। जुलूस की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के जरिए पूरे मार्ग की निगरानी की गई, जबकि सुचारु संचालन के लिए ट्रैफिक व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए गए।

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आशीष कुमार की रिपोर्ट

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