पटना : राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार मौन धारण किए हुए जबकि ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ तो इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें अपनी जवाबदेही स्पष्ट करनी चाहिए। इस मामले में यदि कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो फिर राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय बंसल और अनिल मिश्र ने इस्तीफा क्यों दिया? चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज के निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग से फिर ट्रस्ट से जुड़े लोग और सरकार डर क्यों रही है? ये बातें प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा।
भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा भी BJP-RSS की राजनीतिक लूट का शिकार हो चुका है – MP उज्ज्वल रमण सिंह
सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा भी बीजेपी-आरएसएस की राजनीतिक लूट का शिकार हो चुका है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। देश के कोने-कोने से गरीब, किसान,मजदूर, महिलाएं और श्रद्धालु अपनी मेहनत की कमाई, अपने गहने, अपनी बचत और अपनी श्रद्धा लेकर राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आए। भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और संघ परिवार के संगठनों ने लगभग तीन दशकों तक भगवान राम के नाम पर राजनीति की, देश के गरीब व मध्यम वर्ग से राम के नाम पर चंदा एकत्र किया और इसी आंदोलन के आधार पर सत्ता प्राप्त की।

करोड़ों रामभक्त यह पूछने को मजबूर हैं कि भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा और चढ़ावा आखिर किसके संरक्षण में लूटा गया? – कांग्रेस सांसद
उन्होंने कहा कि आज वहीं करोड़ों रामभक्त यह पूछने को मजबूर हैं कि भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा और चढ़ावा आखिर किसके संरक्षण में लूटा गया? यह केवल आर्थिक घोटाला नहीं है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं के साथ किया गया घोर विश्वासघात है। अब तक सामने आए तथ्य अत्यंत गंभीर हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जा चुके हैं। यह स्वयं इस बात का संकेत है कि मामला सामान्य प्रशासनिक त्रुटि का नहीं, बल्कि एक बड़े घोटाले का है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने स्वयं सार्वजनिक रूप से बयान दिए हैं, जबकि ट्रस्ट की वित्तीय निगरानी, पारदर्शिता और संपत्तियों की सुरक्षा की सर्वोच्च जिम्मेदारी उन्हीं की थी।
‘ट्रस्ट के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को हटाए जाने व उनकी स्थिति को लेकर भी गंभीर भ्रम और विरोधाभास सामने आए हैं’
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रस्ट के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य गोपाल राव (गोपाल नगरकोटे) को हटाए जाने और उनकी स्थिति को लेकर भी गंभीर भ्रम और विरोधाभास सामने आए हैं। आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी कृष्णमोहन को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है, जबकि उन पर पूरे प्रकरण को दबाने और लीपापोती करने के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए जा चुके हैं। यह जग जाहिर है कि ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे और शीर्ष नियुक्तियों में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सक्रिय भूमिका रही है। ऐसे में केंद्र सरकार अपनी जवाबदेही से स्वयं को अलग नहीं कर सकती।
SIT अब राम मंदिर के बड़े आयोजनों के खर्चों की भी जांच कर रही है – सांसद
कांग्रेस सांसद ने कहा कि एसआईटी अब राम मंदिर के बड़े आयोजनों के खर्चों की भी जांच कर रही है। 22 जनवरी 2024 की प्राण-प्रतिष्ठा पर लगभग 113 करोड़ खर्च किए गए, जिसमें लगभग आठ हजार अतिथि शामिल हुए। 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण कार्यक्रम पर लगभग 10.12 करोड़ खर्च किए गए। फर्जी रसीदों, नकद चढ़ावे, लेखा-जोखा और कथित हेराफेरी के अनेक आरोप सामने आए हैं। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही अब तक तय नहीं हुई है। सीसीटीवी निगरानी, बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के बिना इतने बड़े स्तर पर यह कथित घोटाला संभव नहीं हो सकता। टुकड़ों-टुकड़ों में इस्तीफे, छोटे कर्मचारियों की गिरफ्तारी और सीमित कार्रवाई केवल लीपापोती का प्रयास प्रतीत होते हैं, ताकि बड़ी मछलियों तक आंच न पहुंचे।
देश जानना चाहता है
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर मौन क्यों हैं?
2. क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी, गोपाल राव और ट्रस्ट के अन्य शीर्ष पदाधिकारी इस पूरे प्रकरण में अपनी
जवाबदेही से बच सकते हैं?
3. जब पूरा ट्रस्ट कटघरे में है, तो केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों?
4. क्या डबल इंजिन सरकार दोषियों को बचा रही है?
5. क्या केंद्र सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है?
6. अगर सब कुछ पारदर्शी था, तो इस्तीफे क्यों हुए?
7. गिरफ्तारियां शीर्ष स्तर पर क्यों नहीं हुई?

कांग्रेस पार्टी की मांगें
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने जवाब दें
प्रधानमंत्री स्पष्ट करें कि ट्रस्ट के गठन, शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक निगरानी में उनकी सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की क्या भूमिका रही है और इतने गंभीर आरोपों के बाद वे अब तक मौन क्यों हैं।
2. तत्काल गिरफ्तारी
चंपत राय, अनिल मिश्रा और इस पूरे घोटाले में शामिल सभी प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।
3. SC की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच
पूरे प्रकरण की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस कथित लूट के पीछे कौन लोग हैं और किसके संरक्षण में यह सब वर्षों तक चलता रहा।
4. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए
वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और स्वतंत्र सदस्यों के साथ एक नया, पारदर्शी और जवाबदेह ट्रस्ट गठित किया जाए।
5. चढ़ावे और चंदे का पूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट
राम मंदिर के लिए प्राप्त समस्त चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद, आयोजनों और व्ययों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, वे करोड़ों भारतीयों की आस्था है – सांसद उज्ज्वल रमण सिंह
सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। वे करोड़ों भारतीयों की आस्था है। भगवान राम के नाम पर जुटाए गए धन की कथित लूट और उस पर पर्दा डालने की हर कोशिश देश की धार्मिक चेतना का अपमान है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की आस्था पर डाका डालने वालों को बचाने की नहीं, बेनकाब करने और कानून के कठघरे में खड़ा करने की आवश्यकता है।
श्रीराम हमारे देश के करोड़ों सनातन धर्मावलम्बियों के आराध्य हैं – प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि श्रीराम हमारे देश के करोड़ों सनातन धर्मावलम्बियों के आराध्य हैं। आज राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा चोरी ने हमारी आस्था के साथ कुठाराघात किया है। इस मामले से मन कुपित है और हमने लगातार देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं को आवाज दे रहे हैं। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौन साध रखा है जबकि सरकार के प्रमुख होने के नाते उनको आगे आकर इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। लेकिन जिम्मेदार सभी लोग इस मामले में मौन धारण कर लिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने इससे पहले सांसद उज्ज्वल रमण सिंह का प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में अंग वस्त्र देकर स्वागत अभिनन्दन किया। संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के अलावे पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार सिंह, प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पांडेय, पंकज यादव व नदीम अख्तर अंसारी सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें।
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