जमशेदपुर के बहरागोड़ा में पुलिस ने एक किलो बेशकीमती पन्ना के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद पन्ना की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
पूर्वी सिंहभूम: पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर बेशकीमती रत्न पन्ना (एमराल्ड) की तस्करी कर रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब एक किलो पन्ना बरामद किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
गुप्त सूचना मिलने के बाद शनिवार शाम थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पीडब्ल्यूडी चौक के समीप घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
Jharkhand Emerald Smuggling:गुप्त सूचना से खुला तस्करी का मामला
पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह पीडब्ल्यूडी चौक से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर शाम को दो अन्य आरोपियों को भी उसी इलाके से बेशकीमती पत्थर के साथ गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में दो गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र के मुढ़ाकाटी गांव के निवासी हैं, जबकि तीसरा आरोपी श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
Key Highlights:
बहरागोड़ा पुलिस ने एक किलो बेशकीमती पन्ना के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया।
बरामद पन्ना की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर पीडब्ल्यूडी चौक के पास की गई घेराबंदी।
प्रारंभिक जांच में कोलकाता तक तस्करी के नेटवर्क का खुलासा।
पुलिस अवैध गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच में जुटी।
Jharkhand Emerald Smuggling:कोलकाता पहुंचाई जानी थी खेप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बरामद पन्ना को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता ले जाकर किसी बड़े खरीदार को सौंपने की योजना थी। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों और लोगों से जुड़े हैं।
Jharkhand Emerald Smuggling:आज होगा विस्तृत खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बरामदगी को बड़ी सफलता माना है। वरीय पुलिस अधिकारी रविवार को प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का विस्तृत खुलासा करेंगे। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद पत्थर की वास्तविक गुणवत्ता, कीमत और तस्करी के नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।
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